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भारत और ईरान के बीच सहयोग: होर्मुज में सुरक्षित मार्ग का आश्वासन

भारत और ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने भारत को होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित मार्ग देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों की बात की। इस बीच, ओमान में एक ड्रोन गिरने से दो भारतीय कामगारों की मौत हो गई। अमेरिका के रक्षा मंत्री ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की स्थिति पर चिंता जताई है। पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने ट्रम्प की ईरान नीति की आलोचना की है। इस लेख में इन घटनाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है।
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भारत और ईरान के बीच सहयोग: होर्मुज में सुरक्षित मार्ग का आश्वासन

ओमान में ड्रोन दुर्घटना से भारतीय कामगारों की मौत


US-Iran War Update, तेल अवीव/तेहरान: भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने बताया कि ईरान भारत को सुरक्षित मार्ग प्रदान करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान भारत को होर्मुज जलडमरूमध्य में मार्ग देगा, तो उन्होंने सकारात्मक उत्तर दिया।


फतहाली ने कहा कि यह सहयोग जल्द ही देखने को मिलेगा। उनके अनुसार, भारत और ईरान के बीच लंबे समय से सहयोग और विश्वास का रिश्ता बना हुआ है। इसी बीच, ओमान के सोहर प्रांत में एक ड्रोन गिरने से दो भारतीय कामगारों की मृत्यु हो गई। रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने एक ड्रोन को मार गिराया था, जिसके मलबे के गिरने से यह दुर्घटना हुई।


ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा की स्थिति

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई घायल हो गए हैं और उनकी स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने मुजतबा खामेनेई के नाम से जारी पहले संदेश पर भी संदेह व्यक्त किया है।


हेगसेथ ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि क्या यह संदेश वास्तव में मुजतबा द्वारा जारी किया गया था।


ट्रम्प की ईरान नीति पर आलोचना

पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ईरान नीति की आलोचना की है। उनका कहना है कि ट्रम्प ने ईरान के मामले में गलत आकलन किया।


बोल्टन ने कहा कि ट्रम्प को लगा होगा कि अमेरिका ईरान में भी वही सत्ता परिवर्तन कर सकता है जैसा कि उसने वेनेजुएला में करने की कोशिश की थी, लेकिन ईरान की स्थिति अलग है।


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ट्रम्प अक्सर बिना योजना के बड़े निर्णय लेते हैं। हालांकि, बोल्टन ने यह स्वीकार किया कि अमेरिकी सेना का प्रदर्शन अब तक मजबूत रहा है और ईरान की कुछ सैन्य क्षमताओं को नुकसान पहुंचाया गया है।


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