भारत और कैरिबियन देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की यात्रा पर एस. जयशंकर
विदेश मंत्री की कैरिबियाई यात्रा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को नई दिल्ली से अपनी एक सप्ताह की कैरिबियाई यात्रा की शुरुआत की। इस यात्रा में वह जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद और टोबैगो का दौरा करेंगे। यह यात्रा कैरिबियन समुदाय के देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत और कैरिबियाई देशों के बीच संबंधों को एक नई दिशा देने में सहायक होगी। जयशंकर इस दौरान वहां के भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करेंगे, जो भारत की सांस्कृतिक धरोहर के प्रतिनिधि हैं और इन देशों की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जमैका में उच्चस्तरीय वार्ता
विदेश मंत्री की यात्रा का पहला चरण जमैका में होगा, जहां वह वहां के शीर्ष नेतृत्व के साथ व्यापार, अर्थव्यवस्था और डिजिटल परिवर्तन जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान वह भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मिलेंगे, जिससे भारत और जमैका के बीच के संबंधों को और मजबूत किया जा सके।
सूरीनाम में व्यापारिक सहयोग
दूसरे चरण में, एस. जयशंकर सूरीनाम का दौरा करेंगे। सूरीनाम और भारत के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। यहां वह कृषि, स्वास्थ्य और क्षमता निर्माण से संबंधित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे और नई विकास साझेदारियों पर चर्चा करेंगे।
त्रिनिदाद और टोबैगो में रणनीतिक वार्ता
अंतिम चरण में, विदेश मंत्री त्रिनिदाद और टोबैगो पहुंचेंगे। यहां वह ऊर्जा सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। त्रिनिदाद और टोबैगो भारत का एक प्रमुख आर्थिक साझेदार है, और इस वार्ता का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देना होगा।
स्विट्जरलैंड में स्वागत
अपनी यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री ज्यूरिख हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां उनका स्वागत इंडिया-स्विट्जरलैंड के प्रतिनिधि अनूप ढींगरा ने किया। भारतीय दूतावास ने इस स्वागत की जानकारी साझा की।
