भारत और जापान की मित्रता: विकास की कहानी

भारत और जापान का गहरा संबंध
जब भारत के विश्वसनीय मित्रों की बात होती है, तो जापान का नाम सबसे पहले आता है। यह मित्रता केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जैसे कि सड़कों पर चलने वाली गाड़ियाँ और मेट्रो सेवाएँ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जापान दौरे के दौरान, यह जानना दिलचस्प है कि कैसे जापान ने भारत के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मारुति क्रांति का योगदान
क्या आपको याद है जब भारत में कार खरीदना केवल कुछ लोगों का सपना था? यह सपना मारुति 800 ने साकार किया, जो जापान की सुजुकी कंपनी के सहयोग से संभव हुआ। इस साझेदारी ने भारत के ऑटोमोबाइल उद्योग को बदलकर रख दिया और आम लोगों को चार पहियों पर चलने का आत्मविश्वास दिया।
दिल्ली मेट्रो का निर्माण
दिल्ली और एनसीआर में मेट्रो के बिना जीवन की कल्पना करना कठिन है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस विशाल प्रोजेक्ट के पीछे जापान का बड़ा योगदान है? जापान ने दिल्ली मेट्रो के निर्माण के लिए भारत को कम ब्याज दर पर भारी कर्ज प्रदान किया। यह केवल वित्तीय सहायता नहीं थी, बल्कि भारत के सपनों पर एक मित्र का विश्वास था।
बुलेट ट्रेन का सपना
भारत अब तेज गति की ओर बढ़ रहा है, जिसका प्रतीक मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट है। जापान इस प्रोजेक्ट को साकार करने में मदद कर रहा है, न केवल बेहतरीन बुलेट ट्रेन तकनीक प्रदान करके, बल्कि 0.1% की ब्याज दर पर कर्ज भी देकर।
अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएँ
यह कहानी केवल मारुति, मेट्रो या बुलेट ट्रेन तक सीमित नहीं है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट्स में जापान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
जापान की मित्रता केवल शब्दों की नहीं, बल्कि यह तकनीक, वित्त और विश्वास का एक मजबूत आधार है। पीएम मोदी का यह दौरा इस मित्रता को और मजबूत करने का एक अवसर है।