भारत और जापान के बीच नई रणनीतिक साझेदारी का आरंभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और जापान के बीच नई रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है, जिसमें 10 वर्षों के सहयोग का रोडमैप शामिल है। जापानी पीएम शिगेरु इशिबा ने भारत की वैश्विक भूमिका और दोनों देशों के साझा मूल्यों पर जोर दिया। इस यात्रा के दौरान, द्विपक्षीय मुद्दों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता पर भी चर्चा की गई। जानें इस महत्वपूर्ण सहयोग के बारे में और कैसे यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में स्थिरता का स्तंभ बन सकता है।
Aug 29, 2025, 19:06 IST
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भारत-जापान संबंधों में नया अध्याय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को घोषणा की कि भारत और जापान ने अपनी विशेष रणनीतिक साझेदारी में एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय शुरू किया है। इस साझेदारी के तहत, दोनों देशों ने प्रौद्योगिकी और रक्षा जैसे क्षेत्रों में अगले 10 वर्षों के लिए सहयोग का एक रोडमैप प्रस्तुत किया है। जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर परिवर्तन ला रहा है, जबकि जापान उन्नत तकनीक के माध्यम से विश्व विकास में योगदान दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और जापान को अपनी चुनौतियों का समाधान खोजने और एक-दूसरे की ताकतों का लाभ उठाने की आवश्यकता है, क्योंकि दोनों देश मूलभूत मूल्यों को साझा करते हैं।
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शिगेरु इशिबा ने यह भी बताया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक स्वतंत्र और खुली अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कानून के शासन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों में बढ़ती अस्पष्टता के बीच, भारत और जापान को क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए अपनी ताकत का उपयोग करना चाहिए। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रधानमंत्री मोदी की दो दिवसीय जापान यात्रा के संदर्भ में कहा कि इस यात्रा का संदेश और दोनों देशों के बीच बनी समझ स्पष्ट है। आज जापान भारत का एक महत्वपूर्ण और विश्वसनीय मित्र है, जो एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सहयोग कर रहा है। द्विपक्षीय मुद्दों के अलावा, दोनों प्रधानमंत्रियों ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिति पर भी चर्चा की, और यह स्पष्ट था कि भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, भारत और जापान के संबंध अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में स्थिरता का एक स्तंभ बने हुए हैं।