भारत और दक्षिण कोरिया के बीच नई साझेदारी: 50 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य की घोषणा
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ली जे. म्युंग की महत्वपूर्ण बैठक
सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे. म्युंग के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसने भारत और दक्षिण कोरिया के संबंधों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। इस बैठक में दोनों देशों ने आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। खासकर, 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करके 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया।
भरोसेमंद साझेदारी की दिशा में कदम
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में, पीएम मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया अब एक भरोसेमंद रिश्ते को भविष्य की मजबूत साझेदारी में बदलने की दिशा में अग्रसर हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश चिप, शिप, प्रतिभा, तकनीक, पर्यावरण और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग करेंगे। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत के 'विकसित भारत' के लक्ष्य में दक्षिण कोरिया एक महत्वपूर्ण भागीदार होगा, जो दोनों देशों की प्रगति को नई दिशा देगा।
व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नए कदम
50 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने बताया कि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति की भारत यात्रा लगभग आठ साल बाद हुई है, जो काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों, बाजार आधारित अर्थव्यवस्था और नियमों के पालन में समानताएं हैं। इस मजबूत आधार के चलते पिछले एक दशक में भारत-दक्षिण कोरिया संबंध तेजी से विकसित हुए हैं। वर्तमान में, दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 27 अरब डॉलर का है, जिसे 2030 तक 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है।
नई औद्योगिक पहल और तकनीकी सहयोग
व्यापार को सुगम बनाने के लिए भारत-दक्षिण कोरिया फाइनेंशियल फोरम की स्थापना की गई है। इसके साथ ही, एक औद्योगिक सहयोग समिति का गठन भी किया गया है। महत्वपूर्ण तकनीकों और आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा के लिए आर्थिक सुरक्षा वार्ता शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
कंपनियों और तकनीक को मिलेगा बढ़ावा
दक्षिण कोरियाई कंपनियों, विशेषकर छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 'कोरियन इंडस्ट्रियल टाउनशिप' स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे नए निवेश और रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। इसके अलावा, दोनों देशों ने आपसी व्यापार समझौते को अगले एक वर्ष में और बेहतर बनाने पर सहमति जताई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, सूचना प्रौद्योगिकी, पोत निर्माण, स्टील और बंदरगाह जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना
सांस्कृतिक जुड़ाव भी हुआ मजबूत
पीएम मोदी ने भारत और दक्षिण कोरिया के हजारों साल पुराने सांस्कृतिक रिश्तों का भी उल्लेख किया। उन्होंने अयोध्या की राजकुमारी सूरीरत्ना और कोरिया के राजा किम-सुरो की ऐतिहासिक कहानी को साझा विरासत बताया। उन्होंने कहा कि आज भारत में के-पॉप और के-ड्रामा की लोकप्रियता बढ़ रही है, जबकि दक्षिण कोरिया में भारतीय सिनेमा और संस्कृति की पहचान भी बढ़ रही है। इस सांस्कृतिक संबंध को और मजबूत करने के लिए 2028 में भारत-दक्षिण कोरिया फ्रेंडशिप फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा।
भारत-दक्षिण कोरिया के बीच हुए 15 बड़े समझौते
पोत निर्माण में सहयोग
औद्योगिक समन्वय समिति का गठन
इस्पात आपूर्ति श्रृंखला के लिए तकनीकी और व्यापार सहयोग
लघु और मध्यम उद्योगों के बीच साझेदारी
समुद्री विरासत संरक्षण समझौता
व्यापार समझौते का उन्नयन
वित्तीय सॉफ्टवेयर और सिस्टम पर सहयोग
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में साझेदारी
अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणाली पर समझौता
भारत-दक्षिण कोरिया डिजिटल ब्रिज
जलवायु और पर्यावरण सहयोग
पेरिस समझौते के तहत साझेदारी
सांस्कृतिक सहयोग समझौता
सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम
खेल क्षेत्र में सहयोग
प्रमुख घोषणाएं
आर्थिक सुरक्षा वार्ता की शुरुआत
डिस्टिंग्विश्ड विजिटर प्रोग्राम शुरू होगा
दक्षिण कोरिया का इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव में शामिल होना
सोलर एलायंस में दक्षिण कोरिया की भागीदारी
विदेश मंत्री स्तर की वार्ता शुरू होगी
2028-29 को भारत-दक्षिण कोरिया फ्रेंडशिप ईयर के रूप में मनाया जाएगा
