भारत और पाकिस्तान ने परमाणु ठिकानों की सूची का आदान-प्रदान किया
भारत और पाकिस्तान ने 1 जनवरी को अपने परमाणु ठिकानों की सूची का आदान-प्रदान किया, जो 1992 से जारी है। यह प्रक्रिया दोनों देशों के बीच परमाणु हमलों से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। इसके साथ ही, दोनों देशों ने हिरासत में मौजूद नागरिकों और मछुआरों की सूची भी साझा की। जानें इस महत्वपूर्ण आदान-प्रदान के पीछे का कारण और इसके प्रभाव।
| Jan 1, 2026, 18:37 IST
भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु ठिकानों की सूची का आदान-प्रदान
पहली बार 1 जनवरी 1992 को हुआ था लिस्ट का पहला आदान-प्रदान
भारत और पाकिस्तान ने नए साल के पहले दिन एक-दूसरे के साथ अपने न्यूक्लियर ठिकानों की सूची साझा की। यह प्रक्रिया 1992 से जारी है। दोनों देशों ने नई दिल्ली और इस्लामाबाद में राजनयिक माध्यमों से यह जानकारी साझा की। ये ठिकाने वे हैं, जहां दोनों देशों के परमाणु हथियार रखे जाते हैं।
यह सूची भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले के निषेध संबंधी समझौते के तहत आती है, जिसे 31 दिसंबर 1988 को हस्ताक्षरित किया गया था। इस समझौते में यह स्पष्ट किया गया है कि दोनों देश इन ठिकानों पर हमला नहीं करेंगे।
