भारत और ब्राजील के बीच नई रणनीतिक साझेदारी का आरंभ
नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने शुक्रवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक का आयोजन किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य न केवल व्यापार को बढ़ावा देना था, बल्कि दोनों देशों ने 'ग्लोबल साउथ' की आवाज को वैश्विक मंचों पर प्रभावी ढंग से उठाने का संकल्प भी लिया।
व्यापारिक संबंधों की मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्राजील को भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बताया और राष्ट्रपति लूला की दूरदर्शिता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'हमारा द्विपक्षीय व्यापार केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह हमारे आपसी विश्वास का प्रतीक है।' दोनों नेताओं ने अगले पांच वर्षों में व्यापार को 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक करने की प्रतिबद्धता जताई। इंडिया-मर्कोसुर (India-Mercosur) व्यापार समझौते का विस्तार इस आर्थिक सहयोग को और मजबूत करेगा।
आतंकवाद और वैश्विक सुधार
वैश्विक शांति पर चर्चा करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ब्राजील आतंकवाद को मानवता का साझा दुश्मन मानते हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों देशों ने कूटनीति और संवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया।
रक्षा और स्वास्थ्य में सहयोग
बैठक में 'जरुरी मिनरल्स' और 'रेयर अर्थ्स' पर समझौता एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जो वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करेगा। रक्षा क्षेत्र में सहयोग एक रणनीतिक गठबंधन का उदाहरण है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में, पीएम मोदी ने ब्राजील को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं की आपूर्ति बढ़ाने का आश्वासन दिया।
भविष्य की तकनीक पर ध्यान
तकनीकी क्षेत्र में, भारत और ब्राजील मिलकर डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सुपरकंप्यूटर, सेमीकंडक्टर और ब्लॉकचेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक को साझा विकास के लिए एक 'पुल' बनाना चाहिए, जिसमें सभी को शामिल किया जाना चाहिए।
