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भारत की जवाबी कार्रवाई: पेहलगाम हमले के बाद वायुसेना का ऑपरेशन सिंदूर

भारत ने पेहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर प्रभावी जवाबी कार्रवाई की। वायुसेना के उपप्रमुख एयर मार्शल नरमदेश्वर तिवारी ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 50 से कम हथियारों का उपयोग करते हुए भारत ने संघर्ष को समाप्त किया और पाकिस्तान को युद्धविराम पर सहमत होने के लिए मजबूर किया। जानें इस ऑपरेशन की रणनीति और तकनीकी सहायता के बारे में।
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भारत की जवाबी कार्रवाई: पेहलगाम हमले के बाद वायुसेना का ऑपरेशन सिंदूर

पेहलगाम हमले के बाद की कार्रवाई

पेहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद, भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों पर प्रभावी जवाबी कार्रवाई की। तीन महीने बाद, एक निजी मीडिया चैनल के कार्यक्रम में वायुसेना के उपप्रमुख एयर मार्शल नरमदेश्वर तिवारी ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में नए तथ्य साझा किए। उन्होंने बताया कि भारत ने 50 से कम हथियारों का उपयोग करते हुए न केवल संघर्ष को समाप्त किया, बल्कि पाकिस्तान को युद्धविराम पर सहमत होने के लिए भी मजबूर किया।


सफलता के पीछे की रणनीति

एयर मार्शल तिवारी ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान कई विकल्प मौजूद थे, लेकिन अंततः केवल नौ लक्ष्यों का चयन किया गया। उन्होंने कहा, 'हमने 50 से कम हथियारों का उपयोग करके संघर्ष को समाप्त करने में सफलता प्राप्त की। यह इस ऑपरेशन का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष है।' उनका मानना है कि युद्ध शुरू करना आसान है, लेकिन उसे समाप्त करना कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होता है, इसलिए सेना हर स्थिति के लिए तैयार थी।


तकनीकी सहायता और स्वतंत्रता

तकनीक और स्वतंत्रता ने दिलाई सफलता


तिवारी ने बताया कि ऑपरेशन की सफलता में भारत की Integrated Air Command and Control System (IACCS) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस प्रणाली ने वायुसेना को दुश्मन के प्रारंभिक हमलों का सामना करने और त्वरित जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता प्रदान की। इसके अलावा, भारत सरकार ने सेना को पूरी परिचालन स्वतंत्रता दी, जिससे निर्णय तेजी से लिए जा सके और परिस्थितियों के अनुसार त्वरित कार्रवाई संभव हो सकी।


हमले की अवधि

चार दिन चला हमला


7 से 10 मई के बीच, वायुसेना ने ब्रह्मोस-ए क्रूज मिसाइलों और ड्रोन हमलों के माध्यम से पाकिस्तान के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया। चकलााला (रावलपिंडी) और सरगोधा (पंजाब प्रांत) में हमले की पुष्टि हुई। इसके बाद जैकबाबाद, भोलारी और स्कर्दू जैसे ठिकानों पर भी हमले की खबरें आईं। भारतीय गोलाबारी के बाद, पाकिस्तान की कई आक्रामक योजनाएं विफल हो गईं, और 10 मई की दोपहर पाकिस्तान के डीजीएमओ मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला को भारतीय समकक्ष से सीधे संपर्क करना पड़ा।


युद्धविराम का उल्लंघन

युद्ध विराम के बावजूद उल्लंघन


10 मई की शाम से भारत और पाकिस्तान ने भूमि, समुद्र और वायु मार्ग से सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई। लेकिन कुछ ही घंटों बाद, पाकिस्तानी ड्रोन श्रीनगर और गुजरात समेत कई क्षेत्रों में देखे गए, जिन्हें भारतीय सेना ने इंटरसेप्ट किया। भारत ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताया और कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत इन उल्लंघनों को गंभीरता से लेता है और इसका उचित जवाब दिया जा रहा है।