भारत की पाकिस्तान-चीन संयुक्त बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने पाकिस्तान और चीन के हालिया संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर का उल्लेख किए जाने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। उन्होंने कहा कि किसी अन्य देश को इस मुद्दे पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। भारत की इस स्थिति को दोनों देशों ने भली-भांति समझा है।
CPEC पर भारत का कड़ा रुख
भारत ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के संबंध में भी सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि CPEC के कुछ प्रोजेक्ट भारत के संप्रभु क्षेत्र में स्थित हैं। रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हम किसी भी ऐसे कदम का विरोध करते हैं जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे को मजबूत करे। यह भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए हानिकारक है।'
कूटनीतिक संवाद
भारत ने पाकिस्तान और चीन दोनों को कई बार स्पष्ट किया है कि चीन-पाकिस्तान के बीच 'ट्रांस-बाउंड्री वाटर रिसोर्सेज कोऑपरेशन' की बात गलत है। क्योंकि चीन और पाकिस्तान के बीच कोई साझा सीमा नहीं है, इसलिए इस तरह के सहयोग का कोई आधार नहीं है। भारत ने 1963 के पाकिस्तान-चीन सीमा समझौते को कभी मान्यता नहीं दी है।
भारत की नाराजगी का कारण
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 23 से 26 मई तक बीजिंग का दौरा किया, जहां उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग से मुलाकात की। इस दौरान जारी संयुक्त बयान में कश्मीर का उल्लेख किया गया। पाकिस्तान ने चीन को जम्मू-कश्मीर की स्थिति के बारे में जानकारी दी, और चीन ने कहा कि इस मुद्दे का समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार होना चाहिए।
चीन का पाकिस्तान के प्रति रुख
भारत का मानना है कि चीन जानबूझकर कश्मीर और जल संसाधनों के मुद्दे को उठाकर पाकिस्तान को खुश रखने की कोशिश कर रहा है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पाकिस्तान को 'हर वक्त का साथी' बताया है। पाकिस्तान ने भी 'वन चाइना पॉलिसी' का समर्थन किया है, जिसमें ताइवान को चीन का हिस्सा माना जाता है।
भारत के लिए चिंता का विषय
दीवान लॉ कॉलेज के इंटरनेशनल लॉ के विशेषज्ञ असिस्टेंट प्रोफेसर निखिल गुप्ता ने कहा कि चीन की पाकिस्तान परस्ती इस दौरे में स्पष्ट रूप से दिखाई दी है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि चीन भारत के किसी भी मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन करने के लिए झुकने को तैयार नहीं है।
संयुक्त बयान का सार
चीन और पाकिस्तान के बीच उच्चस्तरीय वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कश्मीर को 'बची हुई समस्या' बताया गया है। दोनों देशों ने इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के फ्रेमवर्क में सुलझाने की बात कही है। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर चीन को जानकारी दी, और चीन ने कहा कि यह विवाद यूएन चार्टर और द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार सुलझाया जाना चाहिए।
