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भारत की रूस से कच्चा तेल खरीदने की नई रुचि

भारत ने हाल ही में रूस से कच्चा तेल खरीदने में रुचि दिखाई है, खासकर जब पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात बिगड़ रहे हैं। रूस के उपप्रधानमंत्री ने इस बात की पुष्टि की है कि भारत ने अधिक मात्रा में कच्चा तेल खरीदने की इच्छा जताई है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने के बाद, वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस स्थिति में, रूस भारत को ऊर्जा आपूर्ति में मदद करने के लिए तैयार है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के खिलाफ युद्ध को लंबे समय तक जारी रखने की बात कही है।
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भारत की रूस से कच्चा तेल खरीदने की नई रुचि

पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच भारत की नई रणनीति


पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों के कारण स्थिति गंभीर होती जा रही है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कमी हो गई है। भारत, जो अपनी कच्चे तेल की जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, अब रूस से कच्चा तेल खरीदने पर विचार कर रहा है।


रूसी उपप्रधानमंत्री का बयान

रूस के उपप्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने कहा है कि भारत ने फिर से रूस से कच्चा तेल खरीदने में रुचि दिखाई है। उन्होंने बताया कि अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद स्थिति में बदलाव आया है और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। यह जलमार्ग विश्व में तेल की आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है।


भारत की ऊर्जा आपूर्ति में मदद

रूस ने मंगलवार को संकेत दिया कि वह मध्य पूर्व में चल रहे संकट के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी रुकावट की स्थिति में भारत की ऊर्जा आपूर्ति में मदद करने के लिए तैयार है। यह बयान वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है।


ट्रंप का बयान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध के बारे में कहा है कि अमेरिका इस संघर्ष को लंबे समय तक जारी रख सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ईरान अपना अड़ियल रवैया नहीं छोड़ता है, तो अमेरिका एक लंबे युद्ध के लिए भी तैयार है।