भारत की सुरक्षा पर CCS बैठक: पश्चिम एशिया तनाव पर चर्चा
पश्चिम एशिया में तनाव पर उच्च स्तरीय बैठक
पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक
नई दिल्ली में रविवार रात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद पश्चिम एशिया में उत्पन्न तनाव पर चर्चा की गई।
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल हुए। यह बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित निर्णय लेने वाली सबसे महत्वपूर्ण संस्था है।
बैठक में चर्चा के प्रमुख मुद्दे
बैठक में भारत के रणनीतिक हितों पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षा की गई। इसमें यूएई और अन्य खाड़ी देशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री मार्गों और कूटनीतिक स्थिति पर चर्चा की गई। भारत ने संकट के दौरान संतुलित रुख बनाए रखा है और नागरिकों तथा आर्थिक संबंधों की सुरक्षा के लिए तनाव कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में आपातकालीन निकासी योजनाओं, तेल की कीमतों पर प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ समन्वय पर भी चर्चा की गई।
भारत की संयम बरतने की अपील
भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि तनाव को बढ़ाने से बचना और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। भारत ने संवाद और कूटनीति को संकट का समाधान बताया है और सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची से फोन पर बात की और भारत की चिंताओं से उन्हें अवगत कराया। इसके अलावा, उन्होंने इजरायल के विदेश मंत्री गिडोन सार से भी संपर्क किया और स्थिति का आकलन किया।
