भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को क्यों किया परेशान? जानें पूरी कहानी

ऑपरेशन सिंदूर: भारत की निर्णायक सैन्य कार्रवाई
ऑपरेशन सिंदूर भारत: हाल ही में भारत ने एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान चलाया, जिसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया है, जिसने पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया है। इस अभियान के तहत भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात पाकिस्तान में स्थित आतंकवादियों के 9 ठिकानों को मिसाइलों से निशाना बनाकर नष्ट कर दिया। इसके परिणामस्वरूप भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष तीन दिनों तक चला, जिसमें भारत ने पाकिस्तान के 11 आर्मी बेस पर भी हमले किए। इस जवाबी कार्रवाई में लगभग 100 आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिससे पाकिस्तान की सैन्य और रणनीतिक ताकत को गंभीर झटका लगा है। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत से बातचीत की अपील की है।
पाकिस्तान की बातचीत की कोशिशें
पाकिस्तान ने फिर मांगी बातचीत की भीख
पाकिस्तान अब एक बार फिर बातचीत की मेज पर लौटने के लिए उत्सुक नजर आ रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पहले भी भारत से वार्ता की पेशकश कर चुके हैं, लेकिन इस बार विदेश मंत्री इशाक डार ने भी नरम रुख अपनाते हुए कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ "सम्मानजनक और गरिमापूर्ण" तरीके से बातचीत करना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान सभी लंबित मुद्दों, विशेषकर कश्मीर विवाद पर, समग्र और रचनात्मक संवाद के लिए तैयार है। इशाक डार ने शांति और स्थिरता को पाकिस्तान की प्राथमिकता बताया और कहा कि क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए संवाद आवश्यक है।
सिंधु जल संधि का संकट
सिंधु जल संधि भी बनी पाकिस्तान के लिए सिरदर्द
भारत ने केवल सैन्य मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा दिया है। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था, जिसके तहत भारत पाकिस्तान को सिंधु नदी का पानी देता है। इसके निलंबन से पाकिस्तान में पानी का संकट गहरा गया है। अब पाकिस्तान केवल भारत से शांति वार्ता के लिए ही नहीं, बल्कि पानी जैसी जीवन रेखा को फिर से बहाल करने की उम्मीद में भी संपर्क साध रहा है।
भारत की चुप्पी और पाकिस्तान की बेचैनी
भारत की चुप्पी से बौखलाया पाकिस्तान
पाकिस्तान की ओर से लगातार की जा रही वार्ता की पेशकश के बावजूद भारत की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। भारत ने अब तक पाकिस्तान की किसी भी अपील को महत्व नहीं दिया है। पाकिस्तान अमेरिका और यूएई जैसे देशों के माध्यम से भी भारत तक संदेश पहुँचाने की कोशिश कर चुका है, लेकिन अब तक उसे कोई सफलता नहीं मिली है। भारत स्पष्ट कर चुका है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता, तब तक किसी भी तरह की बातचीत की संभावना नहीं है।
आतंकवाद पर लगाम जरूरी
बातचीत नहीं, पहले आतंक पर लगाम
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को रणनीतिक और मानसिक तौर पर काफी नुकसान पहुँचाया है। भारत की सैन्य कार्रवाई और सिंधु जल संधि पर रोक के बाद पाकिस्तान अब बातचीत की टेबल पर लौटना चाहता है। लेकिन भारत ने यह संकेत दिया है कि केवल शांति की बातें करना काफी नहीं, जब तक पाकिस्तान जमीन पर ठोस कार्रवाई नहीं करता, खासकर आतंकवाद के खिलाफ, तब तक कोई भी बातचीत मुमकिन नहीं है।