भारत के पास 60 दिनों का ईंधन भंडार, केंद्र सरकार ने दी जानकारी
भारत की स्थिति मजबूत, कोई इमरजेंसी नहीं
केंद्र सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि देश में किसी प्रकार की इमरजेंसी नहीं है, जबकि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ की जा रही कार्रवाई और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है।
सरकार ने बताया कि देश के पास 60 दिनों का ईंधन भंडार है और लोगों से अपील की गई है कि वे ईंधन की कमी से संबंधित अटकलों पर ध्यान न दें। ऊर्जा आपूर्ति स्थिर है और मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जानकारी दी है कि कच्चे तेल की आपूर्ति अगले दो महीनों के लिए पहले से सुनिश्चित की गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने आयात की व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहेगी। भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे किसी एक मार्ग पर निर्भरता कम हो गई है।
रिफाइनरी अधिकतम क्षमता पर कार्यरत
अधिकारियों के अनुसार, देश की रिफाइनरी अपनी पूरी क्षमता से अधिक पर काम कर रही हैं, जिससे ईंधन की निरंतर आपूर्ति बनी हुई है। भारत की कुल भंडारण क्षमता लगभग 74 दिनों की खपत को पूरा कर सकती है, जबकि वर्तमान भंडार 60 दिनों के लिए पर्याप्त है। अधिकारियों ने कहा कि संकट के बावजूद कोई कमी नहीं है और भविष्य में आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए खरीद की योजनाएं पहले से तैयार हैं।
प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों से वार्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा करेंगे। इस बैठक में पश्चिम एशिया में बदलते हालात की समीक्षा की जाएगी और इसके भारत पर प्रभाव का आकलन किया जाएगा। बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
