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भारत के पास पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार, कीमतों में वृद्धि का असर नहीं

पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद, भारत में कच्चे तेल के भंडार की स्थिति मजबूत है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे, जबकि कच्चे तेल की कीमतें वैश्विक स्तर पर बढ़ रही हैं। जानें भारत के पास कितने दिन का ईंधन भंडार है और रूस से कच्चा तेल खरीदने की योजना के बारे में।
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भारत के पास पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार, कीमतों में वृद्धि का असर नहीं

कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि, लेकिन भारत में दाम स्थिर


पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति पर पड़ा है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू करने के बाद, ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को बंद करने की घोषणा की। यह समुद्री मार्ग 167 किलोमीटर लंबा है और इसके बंद होने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है।


हाल ही में, कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 48 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, लेकिन केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे। सरकार ने कहा है कि देश में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है, और भारत के पास 25 करोड़ बैरल (लगभग 4,000 करोड़ लीटर) से अधिक का भंडार है।


भारत के पास ईंधन का पर्याप्त भंडार

सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, यह भंडार इतना है कि यदि आपूर्ति पूरी तरह से रुक भी जाए, तो देश की आपूर्ति श्रृंखला 7 से 8 सप्ताह तक सुचारू रूप से चल सकती है। इस प्रकार, पेट्रोल-डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कमी की चिंता नहीं है। सरकार ने 7 मार्च को यह स्पष्ट किया था कि पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए जाएंगे।


रूस से कच्चा तेल खरीदने की योजना

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारतीय रिफाइनरियों को 30 दिन का विशेष लाइसेंस जारी किया है, जो 3 अप्रैल तक वैध रहेगा। इससे भारत में कच्चे तेल की कमी की संभावना नहीं है। इसके अलावा, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का संकट फिलहाल टल गया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। आज, 9 मार्च को, कीमतें 25% बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं।