भारत के लिए राहत: होर्मुज स्ट्रेट पार कर गए दो LPG टैंकर
भारत को मिली बड़ी राहत
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक सकारात्मक खबर आई है। भारत की रसोई गैस (LPG) लेकर आ रहे दो बड़े मालवाहक जहाजों ने 'होर्मुज स्ट्रेट' के खतरनाक समुद्री मार्ग को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल भारत के लिए, बल्कि अन्य एशियाई देशों के लिए भी ऊर्जा आपूर्ति की चिंता को कम करने में मददगार साबित हुई है।
खतरनाक रास्तों से सुरक्षित यात्रा
जानकारी के अनुसार, ये दो जहाज— 'Symi' और 'NV Sunshine'— गुरुवार को गल्फ ऑफ ओमान में सुरक्षित पाए गए। इन जहाजों ने अपनी लोकेशन बताने वाले 'ट्रांसपोंडर' को बंद कर दिया था, जिससे उनकी पहचान छिपी रही। होर्मुज स्ट्रेट जैसे संवेदनशील क्षेत्र को पार करते समय यह रणनीति उनकी सुरक्षा के लिए बेहद प्रभावी रही। शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, 'NV Sunshine' संयुक्त अरब अमीरात से गैस लेकर पश्चिम भारत के कांडला पोर्ट की ओर बढ़ रहा है, जबकि 'Symi' कतर से गैस लेकर कांडला के लिए रवाना हुआ है।
सप्लाई चेन में निरंतरता
हालांकि तनाव के बावजूद, खाड़ी देशों के निर्यातक अपनी सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए प्रयासरत हैं। इन दो जहाजों की सुरक्षित वापसी के साथ, रविवार से अब तक होर्मुज स्ट्रेट पार करने वाले बड़े तेल और गैस जहाजों की संख्या 10 तक पहुंच गई है। इसमें तीन अन्य LPG जहाजों के अलावा चार बड़े क्रूड ऑयल टैंकर और एक LNG टैंकर भी शामिल हैं। हालांकि, कई निर्यातक अपनी लोकेशन सार्वजनिक किए बिना ईंधन भेजने का जोखिम उठा रहे हैं, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति अभी भी बनी हुई है।
अमेरिकी नौसेना की चौकसी
समुद्र में सुरक्षा के लिए अमेरिकी नौसेना की चौकसी बढ़ गई है। हाल ही में, इराकी तेल लेकर वियतनाम जा रहे सुपरटैंकर 'Agios Fanourios I' को अमेरिकी नौसेना ने रोककर वापस मोड़ने पर मजबूर कर दिया। इस समय गल्फ ऑफ ओमान और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास चीन और जापान के कई टैंकर भी अमेरिकी ब्लॉकेड के पास सक्रिय हैं। ऐसे में भारतीय जहाजों का इस 'वॉर ज़ोन' से सुरक्षित निकलना देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता के लिए एक बड़ी जीत है।
