भारत को पैक्स सिलिका गठबंधन में शामिल होने का आमंत्रण
पैक्स सिलिका का उद्देश्य
पैक्स सिलिका का मुख्य लक्ष्य सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में एक वैकल्पिक सप्लाई चेन स्थापित करना है। यह सप्लाई चेन चीन पर निर्भर नहीं होगी, लेकिन यह एक दीर्घकालिक योजना है जिसमें कई अनिश्चितताएँ बनी हुई हैं।
अमेरिकी राजदूत का भारत दौरा
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने नई दिल्ली में भारत को एक 'उपहार' दिया, जो कि एक सांत्वना पुरस्कार के रूप में देखा जा रहा है। राजदूतों का कार्य अपने देश के लिए सद्भावना स्थापित करना होता है, और गोर ने भारतीयों को आकर्षक बातें कहीं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भारत को अगले महीने पैक्स सिलिका गठबंधन में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा।
गठबंधन की सीमाएँ
कुछ समय पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने नौ देशों के साथ इस गठबंधन की घोषणा की थी, जिससे भारत में निराशा का माहौल बना था। ट्रंप ने अपने देश के अलावा क्वॉड के दो सदस्य देशों, जापान और ऑस्ट्रेलिया को शामिल किया। इसके साथ ही, आई2यू2 समूह के देशों इजराइल और यूएई को भी इसमें रखा गया। हालांकि, भारत को इस समूह से बाहर रखा गया।
भारत की आवश्यकताएँ
इस समूह का उद्देश्य सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के मामलों में वैकल्पिक सप्लाई चेन बनाना है, जो चीन पर निर्भर नहीं होगी। लेकिन यह योजना दीर्घकालिक है, जिसमें निवेश और कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल हैं। ट्रंप ने अपने राजदूत के माध्यम से भारत को इस समूह की सदस्यता का उपहार दिया है, लेकिन यह भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है।
व्यापारिक संबंधों की स्थिति
वास्तव में, अमेरिका को जिस सप्लाई चेन की आवश्यकता है, वह तत्काल है। रेयर अर्थ खनिजों पर निर्भरता के कारण अमेरिका को चीन के खिलाफ व्यापारिक कार्रवाइयाँ वापस लेनी पड़ी हैं। वे अपने सहयोगी देशों की मदद से चीन पर निर्भरता कम करना चाहते हैं। जबकि भारत की प्राथमिक आवश्यकता अमेरिका के साथ एक अनुकूल व्यापार समझौता है, जो अभी भी अटका हुआ है। गोर ने बताया कि वार्ता जारी है। इस बीच, ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है, जिसका प्रभाव भारत पर भी पड़ेगा। ऐसे कदमों के साथ दोस्ती की बातें केवल औपचारिकता लगती हैं।
