भारत को मिली राहत: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच एलपीजी जहाज सुरक्षित पहुंचा
भारत के लिए राहत की खबर
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के चौथे सप्ताह में भारत को एक सकारात्मक समाचार मिला है। अमेरिका के टेक्सास से एलपीजी लेकर एक बड़ा कार्गो जहाज न्यू मंगलौर पोर्ट पर सफलतापूर्वक पहुंच गया है। यह घटना उस समय हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है और होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति अस्थिर बनी हुई है। इसके बावजूद, भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखते हुए महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी में मौजूद सभी भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं और सप्लाई चेन पर कोई खतरा नहीं है।
खाड़ी में तनाव के बावजूद सुरक्षित भारतीय जहाज
शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि फारस की खाड़ी में भारत के सभी 22 जहाज और 611 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में किसी भी समुद्री अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा, किसी भी बंदरगाह पर जाम जैसी स्थिति नहीं है, जिससे माल ढुलाई सामान्य रूप से जारी है। सरकार ने मौजूदा हालात को देखते हुए 14 से 31 मार्च के बीच कच्चे तेल और एलपीजी के कार्गो पर शुल्क माफ करने का निर्णय लिया है, ताकि ऊर्जा सप्लाई में कोई बाधा न आए और आयात सुचारू रूप से चलता रहे।
घटी पैनिक बुकिंग, देश में LPG का पर्याप्त स्टॉक
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में एलपीजी को लेकर पहले जो घबराहट थी, वह अब काफी कम हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ‘पैनिक बुकिंग’ में भारी गिरावट आई है। पहले बड़ी संख्या में लोग गैस बुक करा रहे थे, लेकिन अब गुरुवार को केवल 55 लाख बुकिंग दर्ज की गई, जो स्थिति के सामान्य होने का संकेत है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कोई भी वितरण केंद्र खाली नहीं है।
भारत ने जोखिम भरे समुद्री रास्तों के बावजूद ऊर्जा जरूरतें पूरी कीं
इस बीच, भारत ने जोखिम भरे समुद्री मार्गों के बावजूद अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करना जारी रखा है। एक भारतीय कच्चा तेल टैंकर मुंद्रा पोर्ट पर सुरक्षित पहुंच चुका है। इसके अलावा, लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर दो भारतीय जहाज 16 और 17 मार्च को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत पहुंचे थे, जो यह दर्शाता है कि चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद देश की सप्लाई चेन मजबूत बनी हुई है।
