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भारत ने अमेरिका से रूसी तेल आयात की छूट बढ़ाने की मांग की

पश्चिम एशिया में संकट के चलते भारत ने अमेरिका से रूसी तेल आयात पर मिली प्रतिबंध छूट को बढ़ाने की मांग की है। यह कदम ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। हाल ही में, भारत के लिए एलपीजी लेकर आ रहे दो जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज की खाड़ी पार कर चुके हैं। जानें इस संकट के पीछे की वजह और भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम।
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भारत ने अमेरिका से रूसी तेल आयात की छूट बढ़ाने की मांग की

पश्चिम एशिया में संकट जारी

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में संकट का समाधान नहीं हो पा रहा है। युद्धविराम तो लागू है, लेकिन स्थायी शांति समझौता नहीं हो सका है, जिसके कारण होर्मुज की खाड़ी से तेल के जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। जब होर्मुज की खाड़ी बंद हुई, तब वैश्विक तेल संकट उत्पन्न हुआ, जिसके चलते अमेरिका ने रूस से तेल खरीद पर थोड़े समय के लिए प्रतिबंध हटा लिया। यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण राहत थी। हाल ही में खबर आई है कि भारत ने अमेरिका से रूसी तेल आयात पर मिली प्रतिबंध छूट को आगे बढ़ाने की मांग की है।


भारत की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने की कोशिश

अंतरराष्ट्रीय मीडिया समूह 'ब्लूमबर्ग' के अनुसार, होर्मुज की खाड़ी में जारी तनाव और रुकावटों के कारण भारत ने यह अनुरोध किया है, ताकि देश की ऊर्जा आपूर्ति पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने पहली बार मार्च में इस छूट को मंजूरी दी थी और बाद में इसे एक बार फिर बढ़ाया गया था। भारत का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में रूसी तेल की निरंतरता देश की ऊर्जा आवश्यकताओं और कीमतों को स्थिर रखने के लिए आवश्यक है।


एलपीजी की सुरक्षित आवाजाही

इस बीच, यह भी जानकारी मिली है कि भारत के लिए एलपीजी लेकर आ रहे दो जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज की खाड़ी पार कर चुके हैं। केंद्र सरकार ने बताया है कि ये दोनों जहाज इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के साथ समन्वय में चलाए जा रहे थे। इनमें से एक जहाज मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला एलपीजी कैरियर है, जिसमें लगभग 19,965 मीट्रिक टन एलपीजी है। दूसरा जहाज वियतनाम के झंडे वाला एलपीजी कैरियर है, जिसमें लगभग 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी है।