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भारत ने ईरान-अमेरिका तनाव के बीच नागरिकों की सुरक्षित वापसी की तैयारी की

भारत सरकार ने ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध के खतरे को देखते हुए अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी की योजना बनाई है। तेहरान में भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीयों से जल्द लौटने की अपील की है। 300 भारतीयों को लेकर एक विशेष विमान शुक्रवार को दिल्ली पहुंचेगा। इसके अलावा, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने छात्रों की समस्याओं पर चिंता जताई है, जिनमें से कई के पास वापसी का टिकट खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। सरकार ने 10,000 भारतीयों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया है।
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भारत ने ईरान-अमेरिका तनाव के बीच नागरिकों की सुरक्षित वापसी की तैयारी की

भारत सरकार की अलर्ट स्थिति

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध के खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। संभावित अमेरिकी हवाई हमलों और बिगड़ते हालातों के मद्देनजर, तेहरान में भारतीय दूतावास ने वहां रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें। इस बीच, भारतीय नागरिकों की वतन वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शुक्रवार को 300 भारतीयों को लेकर एक विशेष विमान दिल्ली पहुंचेगा, जो वहां फंसे लोगों के लिए राहत की पहली बड़ी खबर है।


चार्टर फ्लाइट्स के माध्यम से नागरिकों की सुरक्षित निकासी

विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, युद्ध की आशंकाओं के चलते ईरान में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। तेहरान ने अस्थायी रूप से वाणिज्यिक उड़ानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था, जिससे चुनौतियाँ और बढ़ गई थीं। हालांकि, भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई एयरलाइन कंपनियों के साथ संपर्क में है। नियमित उड़ानों के अलावा, भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष चार्टर फ्लाइट्स की व्यवस्था भी की जा रही है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए नागरिकों को पहले ही वहां से निकाल लेना सबसे उचित विकल्प है।


छात्रों की समस्याओं पर ओवैसी की चिंता

इस संकट के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने बताया कि ईरान में लगभग 5,000 भारतीय छात्र हैं, जिनमें से कई शाहिद बेहेस्ती यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं। ओवैसी ने कहा कि 70 से 80 छात्रों के परिजनों ने उनसे संपर्क कर मदद की गुहार लगाई है। चिंता की बात यह है कि कई छात्र गरीब परिवारों से आते हैं और उनके पास वापसी का टिकट खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं, जिससे वे वहां खुद को बेहद असहाय महसूस कर रहे हैं। ओवैसी ने सरकार से अपील की है कि इन छात्रों को सरकारी खर्च पर वापस लाया जाए।


10,000 भारतीयों की सुरक्षा प्राथमिकता

आंकड़ों के अनुसार, ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक निवास करते हैं। वर्तमान तनावपूर्ण स्थिति में इन सभी की सुरक्षा भारत सरकार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपने हर नागरिक को सुरक्षित वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है और आज आने वाली पहली फ्लाइट इसी बचाव अभियान की शुरुआत है। आने वाले दिनों में और भी उड़ानों के जरिए बाकी भारतीयों को वापस लाए जाने की उम्मीद है।