भारत ने ईरान में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ाई सतर्कता
नई दिल्ली में सुरक्षा की नई पहल
नई दिल्ली: ईरान में चल रहे राजनीतिक संकट और हिंसक प्रदर्शनों के चलते भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। इस संदर्भ में, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर बातचीत की। इस वार्ता में ईरान और उसके आस-पास के हालात पर चर्चा की गई। बढ़ती मौतों और अस्थिर सुरक्षा स्थिति के बीच, भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सख्त सलाह जारी की है।
विदेश मंत्री की जानकारी
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की कि उन्हें ईरान के विदेश मंत्री का फोन आया। उन्होंने बताया कि दोनों के बीच ईरान और उसके आस-पास की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई। यह संवाद ऐसे समय में हुआ है जब ईरान में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है।
भारतीय दूतावास की सलाह
कड़ी एडवाइजरी जारी
तेहरान में भारतीय दूतावास ने छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों समेत सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे उपलब्ध साधनों से ईरान छोड़ दें। दूतावास ने कहा है कि लोग वाणिज्यिक उड़ानों का उपयोग करें और अपने पासपोर्ट व पहचान पत्र जैसे सभी आवश्यक दस्तावेज हमेशा तैयार रखें। किसी भी सहायता के लिए दूतावास से संपर्क करने को कहा गया है.
सावधानी बरतने की अपील
सुरक्षा के लिए सतर्कता
दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों और पीआईओ से अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है। उन्हें सलाह दी गई है कि वे विरोध प्रदर्शनों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर रहें। स्थानीय मीडिया पर नजर रखें और लगातार दूतावास के संपर्क में रहें। हालात को देखते हुए, दूतावास ने आपात स्थितियों के लिए त्वरित सहायता का भरोसा दिलाया है.
ईरान में राजनीतिक संकट
बिगड़ते हालात
ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन अब बीसवें दिन में प्रवेश कर चुके हैं। दो अंकों की महंगाई और मुद्रा के अवमूल्यन से शुरू हुआ असंतोष अब व्यापक आंदोलन में बदल गया है। देशभर में लगभग 280 स्थानों पर हिंसक झड़पें हुई हैं, जिनमें लगभग 2,500 लोगों की मौत की खबर है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है.
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
बढ़ता तनाव
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति ने प्रदर्शनकारियों से अपने संस्थानों पर नियंत्रण करने की अपील की है और पीछे न हटने का संदेश दिया है। उन्होंने संकेत दिया कि मदद रास्ते में है, हालांकि इसके विवरण नहीं दिए गए। ट्रंप प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कतर स्थित अल उदैद एयर बेस से कुछ कर्मियों को निकालने की सलाह भी दी है। ईरान ने पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है कि अमेरिकी हमले की स्थिति में वहां मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा.
