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भारत ने पाकिस्तान के यूरेनियम आपूर्ति आरोपों को किया खारिज

भारत ने पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि भारत ने कनाडा के साथ यूरेनियम आपूर्ति समझौते में कुछ गलत किया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत की परमाणु अप्रसार की छवि बेदाग है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के आरोपों को हास्यास्पद बताया और कहा कि यह केवल अपने खराब रिकॉर्ड से ध्यान भटकाने की कोशिश है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और भारत ने पाकिस्तान के आरोपों का क्या जवाब दिया है।
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भारत ने पाकिस्तान के यूरेनियम आपूर्ति आरोपों को किया खारिज

भारत का स्पष्ट जवाब

नई दिल्ली: भारत ने पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि भारत ने कनाडा के साथ यूरेनियम आपूर्ति समझौते में कुछ गलत किया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि परमाणु अप्रसार के मामले में भारत की छवि बेदाग है और पाकिस्तान अपने खराब रिकॉर्ड से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे हास्यास्पद बयान दे रहा है। इसके अलावा, भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है, जिसमें यह दावा किया गया था कि भारत अफगानिस्तान को पाकिस्तान के खिलाफ भड़का रहा है।


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया को बताया, "पाकिस्तान का यह बयान पूरी तरह से हास्यास्पद है। परमाणु अप्रसार के संदर्भ में भारत की साख वैश्विक स्तर पर स्पष्ट है। ऐसे देश जो गुप्त परमाणु प्रसार में शामिल रहे हैं, वे इस तरह के बयान कैसे दे सकते हैं? यह केवल अपने खराब रिकॉर्ड से ध्यान भटकाने की कोशिश है।"


हाल ही में, भारत ने कनाडा के साथ 2.6 अरब डॉलर का दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति समझौता किया है, जिसके तहत कैमेको कंपनी 2027 से 2035 के बीच भारत को 2.2 करोड़ पाउंड यूरेनियम प्रदान करेगी। यह समझौता भारत के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। पाकिस्तान ने इस समझौते को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए आपत्ति जताई थी।


इसके अतिरिक्त, प्रवक्ता ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल के सैन्य टकरावों के संबंध में भारत पर लगाए गए आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान की आदत बन गई है कि वह अपनी नापाक हरकतों के लिए भारत को दोषी ठहराता है। दशकों से आतंकवाद को बढ़ावा देने के कारण पाकिस्तान की सीमा पार आतंकवाद के मामले में कोई विश्वसनीयता नहीं है। किसी भी तरह की कहानी गढ़ने से सच्चाई नहीं बदलेगी और न ही पाकिस्तान की पीड़ित होने की छवि से कोई भ्रमित होगा।"