भारत ने पैक्स सिलिका गठबंधन में शामिल होकर तकनीकी क्षेत्र में नई संभावनाएं खोलीं
भारत का ऐतिहासिक कदम
नई दिल्ली: भारत ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अमेरिकी नेतृत्व वाले रणनीतिक गठबंधन 'पैक्स सिलिका' में शामिल होने की घोषणा की है। इस समझौते पर हस्ताक्षर के बाद, भारत को महत्वपूर्ण खनिजों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए अपनी सप्लाई चेन को मजबूत करने में सहायता मिलेगी। इस वैश्विक साझेदारी का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि भारत की चीन पर निर्भरता, विशेषकर दुर्लभ खनिजों के आयात में, काफी हद तक कम हो जाएगी। इसके साथ ही, तकनीकी क्षेत्र में चीन के प्रभुत्व को भी चुनौती मिलेगी।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में समझौता
इस महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान किए गए। इस पहल का उद्देश्य तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना और भविष्य के व्यवसाय के लिए आवश्यक संसाधनों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करना है। यह कदम भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। पैक्स सिलिका की शुरुआत पिछले साल दिसंबर में वाशिंगटन में हुई थी, जिसमें कई प्रमुख देशों ने भाग लिया था।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग को मिलेगा लाभ
पैक्स सिलिका का हिस्सा बनने से भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग को भी बड़ा लाभ होगा। देश में पहले से ही 10 सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं और कई अन्य पर तेजी से काम चल रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही देश का पहला सेमीकंडक्टर संयंत्र कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर देगा। इस अवसर पर अमेरिकी राजदूत ने इस पहल को 21वीं सदी की आर्थिक और तकनीकी व्यवस्था को आकार देने वाला एक महत्वपूर्ण गठबंधन बताया। उन्होंने भारत की इंजीनियरिंग प्रतिभा की सराहना की और कहा कि इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद AI तकनीक को बढ़ावा देना है।
