भारत ने यूएन में पाकिस्तान को फिर से लताड़ा
पाकिस्तान को आंतरिक मामलों से दूर रहने की सलाह
India in UN (नई दिल्ली) : भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लताड़ लगाई है। यह अवसर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नागरिकों की सुरक्षा पर आयोजित बहस का था। भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वथनेनी ने पाकिस्तान की आंतरिक विफलताओं को छिपाने के लिए हिंसा और आक्रामकता का सहारा लेने का आरोप लगाया।
पाकिस्तानी हमलों का उल्लेख
भारत ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाइयों का भी जिक्र किया। पर्वथनेनी ने बताया कि रमजान के दौरान पाकिस्तान ने काबुल के ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट अस्पताल पर बर्बर हवाई हमला किया। यह संघर्ष, जो फरवरी 2026 से शुरू हुआ, अभी भी जारी है।
पर्वथनेनी ने कहा कि इस हमले में 269 नागरिकों की मौत हुई और 122 लोग घायल हुए। उन्होंने बताया कि यह हमला एक ऐसे अस्पताल पर हुआ, जिसे किसी भी तरह से सैन्य ठिकाना नहीं कहा जा सकता।
पाकिस्तान का नागरिकों को निशाना बनाना
पर्वथनेनी ने पाकिस्तान पर निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूएनएएमए के अनुसार, पाकिस्तान की सीमा पार हिंसा के कारण 94 हजार से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। उन्होंने 1971 के ऑपरेशन सर्चलाइट का भी उल्लेख किया, जिसमें पाकिस्तान की सेना ने 4 लाख महिलाओं के खिलाफ संगठित दुष्कर्म किया।
भारत की पूर्व की कार्रवाइयाँ
यह पहली बार नहीं है जब भारत ने पाकिस्तान की सच्चाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया है। भारत ने कई बार पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों को दुनिया के सामने लाया है, जिसमें पाकिस्तान से आतंकवादियों को भारतीय सीमा में भेजने की घटनाएँ शामिल हैं।
