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भारत ने यूएन में समुद्री सुरक्षा पर जताई चिंता, व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना अस्वीकार्य

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर चिंता जताई है। स्थायी प्रतिनिधि हरीश पी. ने कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने निर्दोष लोगों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए सभी देशों से अपील की कि वे अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करें। भारत ने संवाद और कूटनीति के माध्यम से तनाव कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मुद्दे पर भारत का रुख स्पष्ट है कि संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए।
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भारत ने यूएन में समुद्री सुरक्षा पर जताई चिंता, व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना अस्वीकार्य

भारत का स्पष्ट संदेश

नई दिल्ली : संयुक्त राष्ट्र में भारत ने फिर से यह स्पष्ट किया है कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री मार्गों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। होर्मुज जलडमरूमध्य के संदर्भ में भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की है, यह कहते हुए कि यहां से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।


संयुक्त राष्ट्र महासभा में चर्चा के दौरान भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पी. ने बताया कि यह समुद्री मार्ग भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर सैन्य हमले बेहद चिंताजनक हैं, जो न केवल वैश्विक व्यापार को प्रभावित करते हैं बल्कि आम नागरिकों की जान को भी खतरे में डालते हैं।


भारत ने इस संघर्ष में भारतीय नाविकों की मौत पर गहरा दुख भी व्यक्त किया। हरीश पी. ने कहा कि निर्दोष लोगों की जान जाना बेहद दुखद है और ऐसे हमलों की कड़ी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि नागरिक जहाजों और उनके कर्मचारियों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।


भारत ने सभी देशों से अपील की कि वे अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करें और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर सुरक्षित एवं निर्बाध आवाजाही को जल्द बहाल करें। साथ ही, भारत ने जोर दिया कि मौजूदा तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति ही सबसे प्रभावी उपाय हैं।


भारत का रुख स्पष्ट है—संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए, और किसी भी प्रकार की आक्रामक कार्रवाई से बचना आवश्यक है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और शांति बहाली की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की है, ताकि खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे और वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो।