भारत ने वेनेजुएला में हालात पर जताई चिंता, अमेरिका की सैन्य कार्रवाई पर प्रतिक्रिया
भारत की चिंता और अपील
नई दिल्ली: वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के संदर्भ में भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने हालात की तेजी से बदलती स्थिति पर बयान जारी करते हुए संयम बरतने और बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने की अपील की है। भारत ने कहा है कि वह इस घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है और वेनेजुएला की जनता की सुरक्षा और भलाई उसके लिए महत्वपूर्ण है।
विदेश मंत्रालय का बयान
विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम गंभीर चिंता का विषय हैं। मंत्रालय ने सभी पक्षों से शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील की है। भारत ने स्पष्ट किया कि किसी भी समस्या का समाधान हिंसा के बजाय संवाद से होना चाहिए। बयान में कहा गया कि क्षेत्रीय शांति बनाए रखना बेहद जरूरी है।
भारतीय दूतावास की स्थिति
भारत ने यह भी बताया कि कराकास में स्थित भारतीय दूतावास वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लगातार संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। मौजूदा हालात को देखते हुए दूतावास स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
अमेरिका की सैन्य कार्रवाई
इस बीच, अमेरिका ने वेनेजुएला में बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा किया है। अमेरिकी डेल्टा फोर्स की टीमों ने कराकास में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इन कार्रवाइयों के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया गया। इस अभियान को लैटिन अमेरिका में 1989 के पनामा आक्रमण के बाद अमेरिका की सबसे बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका अस्थायी रूप से वेनेजुएला का संचालन करेगा। उन्होंने कहा कि जब तक सुरक्षित और उचित सत्ता हस्तांतरण नहीं हो जाता तब तक अमेरिका यह जिम्मेदारी निभाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि वेनेजुएला की सत्ता ऐसे किसी व्यक्ति के हाथ में नहीं जाने दी जाएगी जो वहां की जनता के हितों का ध्यान न रखे।
मादुरो और उनकी पत्नी पर आरोप
अमेरिका की इस कार्रवाई से पहले महीनों तक वेनेजुएला पर दबाव बनाया जा रहा था, जिसमें नौसैनिक तैनाती और कथित ड्रग तस्करी मार्गों पर हमले शामिल थे। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल द्वारा साझा आरोप पत्र के अनुसार, मादुरो और उनकी पत्नी पर ड्रग तस्करी और नार्को आतंकवाद से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मादुरो को न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट में अदालत का सामना करना पड़ सकता है।
