भारत ने श्रीलंका में चक्रवात राहत कार्य में दिखाई मानवीयता
भारत का मानवीय सहयोग
चक्रवात दितवा से प्रभावित श्रीलंका में भारत ने मानवीय सहायता का एक और उदाहरण प्रस्तुत किया है। सोमवार को, आईएनएस विक्रांत से तैनात चेतक हेलीकॉप्टरों ने बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए कई राहत उड़ानें भरीं। इसके साथ ही, भारतीय वायुसेना का C-130J विमान राहत सामग्री लेकर कोलंबो पहुंचा। अब तक, भारत ने 27 टन से अधिक सामग्री और विशेषज्ञ टीमों को भेजा है, जो पड़ोसी-पहले की नीति और भारत-श्रीलंका सहयोग की मजबूत साझेदारी को दर्शाता है।
चेतक हेलीकॉप्टरों की राहत कार्यवाही
सोमवार को भारतीय नौसेना के चेतक हेलीकॉप्टरों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कई उड़ानें भरकर लोगों को बचाया। उच्चायोग द्वारा जारी वीडियो में दिखाया गया कि कैसे बाढ़ में फंसे लोगों को रस्सियों और inflatable राफ्ट की मदद से सुरक्षित निकाला गया।
छत पर फंसे परिवार की सुरक्षित एयरलिफ्टिंग
एक अन्य वीडियो में एक चार सदस्यीय परिवार को छत पर फंसा देखा गया, जिसे चेतक हेलीकॉप्टर ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सुरक्षित एयरलिफ्ट किया। परिवार को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
भारतीय वायुसेना का C-130J कोलंबो में
सोमवार सुबह 10 बजे, भारतीय वायुसेना का C-130J विमान कोलंबो में उतरा, जिसमें आवश्यक राहत सामग्री थी। इस विमान से आगे भारतीय नागरिकों को भी निकाले जाने की योजना है, क्योंकि हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं।
एनडीआरएफ और श्रीलंकाई एजेंसियों का सहयोग
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि एनडीआरएफ टीमें श्रीलंका की एजेंसियों के साथ मिलकर राहत कार्य कर रही हैं। भारत अब तक 27 टन राहत सामग्री भेज चुका है, जिसमें सैन्य एयरलिफ्ट से भेजे गए उपकरण और 80 से अधिक एनडीआरएफ कर्मी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की संवेदनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की और प्रभावित परिवारों की सुरक्षित रिकवरी की कामना की। उन्होंने आश्वस्त किया कि पड़ोसी-पहले की नीति और Vision MAHASAGAR के तहत भारत हर संभव सहायता जारी रखेगा। श्रीलंका के अनुसार, अब तक 193 लोगों की मौत हो चुकी है और 228 लापता हैं, जबकि 9.68 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
