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भारत में उर्वरकों की उपलब्धता: केंद्र का आश्वासन

केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि भारत में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, भले ही पश्चिम एशिया में तनाव जारी है। समिति के सदस्यों ने आश्वासन दिया कि खरीफ सीजन के लिए आवश्यक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर भी अधिकारियों ने जानकारी दी है कि देश में पर्याप्त भंडार है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और सरकार की क्या योजनाएं हैं।
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भारत में उर्वरकों की उपलब्धता: केंद्र का आश्वासन

पश्चिम एशिया के तनाव का उर्वरक आपूर्ति पर प्रभाव नहीं


नई दिल्ली: संसद की एक समिति ने हाल ही में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की। समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से देश में उर्वरकों की कमी नहीं होगी। खरीफ सीजन की बुआई से पहले उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।


जब विपक्षी सदस्यों ने वैश्विक उर्वरक कीमतों के बारे में चिंता जताई, तो अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने वैकल्पिक उपायों के तहत 80 लाख टन उर्वरक खरीदे हैं। वर्तमान में 78 लाख टन उर्वरक की मांग को पूरा किया जा रहा है। समिति ने संबंधित मंत्रालयों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी।


देश में 78 दिन का तेल भंडार


सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों से सवाल किए गए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और अगले 78 दिनों के लिए कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है।


अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम एशिया में युद्ध की अनिश्चितता के कारण 37 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। कुछ सांसदों ने पेट्रोल और एलपीजी की कमी पर सवाल उठाए, लेकिन अधिकारियों ने कोई आधिकारिक डेटा प्रदान नहीं किया।


युद्ध की अनिश्चितता का प्रभाव


कुछ सांसदों ने पूछा कि पश्चिम एशिया में युद्ध की समाप्ति की अनिश्चितता के बावजूद सरकार ने पहले से सुधारात्मक कदम क्यों नहीं उठाए। अधिकारियों ने कहा कि सरकार ने कमी को रोकने के लिए प्रयास किए हैं, लेकिन युद्ध कब समाप्त होगा, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है।