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भारत में ऊर्जा संकट: पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में वृद्धि की तैयारी

भारत में ऊर्जा संकट की चेतावनी दी गई है, जिसमें पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य विशेषज्ञों ने इस संकट के बारे में बात की है। हाल ही में उदय कोटक ने कहा कि देश को ऊर्जा संकट के लिए तैयार रहना चाहिए। रिपोर्टों के अनुसार, पेट्रोलियम कंपनियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है, जो पिछले साल के लाभ से अधिक है। जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और आगे की संभावनाएं।
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भारत में ऊर्जा संकट: पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में वृद्धि की तैयारी

भारत में ऊर्जा संकट की चेतावनी

भारत में चाहे वे बुद्धिजीवी हों या व्यापारी, सभी ने हाल के घटनाक्रमों पर अपनी राय व्यक्त करना शुरू कर दिया है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि देश पेट्रोल, डीजल और गैस के संकट का सामना कर रहा है, तो सभी की जुबानें खुल गईं। उदय कोटक ने हाल ही में कहा है कि देश को ऊर्जा संकट के लिए तैयार रहना चाहिए। यह ध्यान देने योग्य है कि प्रधानमंत्री और भाजपा के नेता पिछले दो महीनों से चुनावों के कारण इस संकट को स्वीकार करने से बच रहे थे। लेकिन उदय कोटक ने यह बात पहले क्यों नहीं कही? वे पहले भी बता सकते थे कि पश्चिम एशिया में संकट के कारण भारत को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन उन्होंने चुप्पी साधे रखी। यह स्थिति इस बात का संकेत है कि हमारे समाज में हिप्पोक्रेसी एक सामान्य पहचान बन चुकी है।


पेट्रोलियम कंपनियों को भारी नुकसान

अब यह स्पष्ट हो गया है कि भारत को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से सादगी अपनाने की अपील की है, और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा है कि यह देखना होगा कि भारत की तेल कंपनियां कितने समय तक घाटा सहन कर सकती हैं। हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अप्रैल से जून की तिमाही में भारत की पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियों को इतना नुकसान होगा, जितना पिछले पूरे साल में उन्हें लाभ नहीं हुआ था। पिछले वित्त वर्ष में इन कंपनियों को 70 हजार करोड़ रुपये का लाभ हुआ था, जबकि इस तिमाही में नुकसान उससे अधिक होने की संभावना है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कंपनियां डीजल पर 42 रुपये प्रति लीटर और एक सिलेंडर पर 650 रुपये से अधिक का नुकसान उठा रही हैं। इस प्रकार, कीमतों में वृद्धि की तैयारी की जा रही है।