भारत में एलपीजी की कमी का समाधान जल्द होगा
एलपीजी की आपूर्ति में सुधार
86,500 मीट्रिक टन एलपीजी की आपूर्ति
LPG Shortage : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों के कारण, और ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर बमबारी के चलते, एशिया में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति मिलने के बाद पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं हुई, लेकिन एलपीजी की कमी बनी हुई है।
हालांकि, भारत सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप, ईरान ने हाल ही में गैस से भरे दो जहाजों को रवाना करने की अनुमति दी है। इसके परिणामस्वरूप, लगभग 86,500 मीट्रिक टन गैस भारत पहुंच चुकी है। इस बड़ी खेप के आने से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में एलपीजी की आपूर्ति में सुधार होगा।
एलपीजी की आपूर्ति का समय
जामनगर के वडीनार (कांडला) पोर्ट पर मंगलवार सुबह एक बड़ा एलपीजी कार्गो लेकर जहाज एमटी नंदा देवी पहुंचा। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने बताया कि जहाज सुबह करीब 2:30 बजे पोर्ट के एंकरिज क्षेत्र में पहुंचा। उन्होंने कहा कि नंदा देवी जहाज 46,500 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आया है, जिसका ट्रांसफर गहरे समुद्र में शिप-टू-शिप प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा।
सुशील कुमार सिंह ने जहाज के कैप्टन और क्रू से मुलाकात कर इस महत्वपूर्ण कार्गो को सुरक्षित पहुंचाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने ट्रांसफर प्रक्रिया के दौरान हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। एमटी नंदा देवी हाल के दिनों में दूसरा भारतीय एलपीजी जहाज है, जिसने सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पार किया है। इससे ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के प्रयासों को मजबूती मिली है। एक दिन पहले, एलपीजी कैरियर शिवालिक ने लगभग 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्गो का एक हिस्सा मुंद्रा में उतारा जाएगा, जबकि बाकी एलपीजी को मैंगलोर भेजा जाएगा।
