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भारत में जनगणना 2026: लिव-इन कपल को विवाहित माना जाएगा

भारत में 1 अप्रैल 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा। केंद्र सरकार ने लिव-इन कपल को विवाहित जोड़े के रूप में मानने का निर्णय लिया है। जानें इस प्रक्रिया में क्या-क्या जानकारी मांगी जाएगी और इसके पीछे का उद्देश्य क्या है।
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भारत में जनगणना 2026: लिव-इन कपल को विवाहित माना जाएगा

जनगणना की नई दिशा-निर्देश

नई दिल्ली। भारत में 1 अप्रैल 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू होने जा रहा है। इस संदर्भ में केंद्र सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार के अनुसार, यदि कोई लिव-इन कपल अपने संबंध को स्थायी और स्थिर मानता है, तो उन्हें जनगणना के दौरान विवाहित जोड़े के रूप में दर्ज किया जाएगा। यह जानकारी जनगणना के लिए बनाए गए सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर उपलब्ध अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQ) में दी गई है। जनगणना 2027 के लिए सरकार ने नागरिकों को स्वयं जानकारी दर्ज करने की सुविधा देने हेतु एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। यह पोर्टल जनगणना के दोनों चरणों- हाउस लिस्टिंग और पॉपुलेशन एन्यूमरेशन के लिए उपलब्ध रहेगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को प्रक्रिया को समझने और सही जानकारी प्रदान करने में सहायता करना है।


लिव-इन कपल के लिए दिशा-निर्देश

FAQ में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई जोड़ा लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हुए अपने संबंध को स्थायी और स्थिर मानता है, तो उसे विवाहित जोड़े के रूप में माना जाएगा। यह निर्णय सामाजिक बदलावों और आधुनिक जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


जनगणना का पहला चरण

सरकार ने बताया है कि जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। इस चरण में नागरिकों से कुल 33 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे। इन सवालों का उद्देश्य घर की स्थिति, सुविधाओं और परिवार की सामाजिक-आर्थिक जानकारी एकत्र करना है।


पूछे जाने वाले विषय

इस जनगणना में निम्नलिखित विषयों पर सवाल पूछे जाएंगे:



  • घर की फर्श, दीवार और छत किस सामग्री से बनी है

  • घर में कितने विवाहित जोड़े रहते हैं?

  • परिवार के मुखिया का लिंग और सामाजिक वर्ग (SC/ST या अन्य)

  • घर की स्थिति और उपयोग

  • परिवार में सामान्य रूप से रहने वाले लोगों की संख्या

  • किस प्रकार का अनाज या भोजन अधिक उपयोग होता है?

  • बुनियादी और आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता

  • परिवार के पास कौन-कौन से वाहन हैं?


अधिकारियों के अनुसार, इन जानकारियों के आधार पर सरकार देश की जनसंख्या, सामाजिक संरचना और बुनियादी जरूरतों का बेहतर आकलन कर सकेगी, जिससे भविष्य की योजनाओं और नीतियों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।