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भारत में तेल और एलपीजी की आपूर्ति में सुधार, राहत की खबर

भारत में तेल और एलपीजी की आपूर्ति में सुधार की खबर आई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने पुष्टि की है कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार है और कीमतें स्थिर रहेंगी। व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति 70% तक बहाल हो चुकी है, जबकि यूरिया उर्वरक संयंत्रों के लिए आपूर्ति 95% तक पहुंच गई है। जानें इस विषय में और क्या जानकारी है।
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भारत में तेल और एलपीजी की आपूर्ति में सुधार, राहत की खबर

व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति में वृद्धि


व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति भी 70 प्रतिशत तक बहाल


Oil and LPG Supply (बिजनेस डेस्क) : वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें फिर से बढ़ने लगी हैं, लेकिन भारत के उपभोक्ताओं के लिए एक सकारात्मक समाचार है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने पुष्टि की है कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और इसके दामों में वृद्धि नहीं होगी।


पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति लगभग 70 प्रतिशत तक सामान्य हो चुकी है। अप्रैल में अब तक 1.47 लाख टन से अधिक व्यावसायिक एलपीजी की बिक्री हो चुकी है। इसके अलावा, पांच किलो के सिलिंडरों की बिक्री भी लगातार जारी है, जिसमें कल 81,000 से अधिक सिलिंडर बिके।


उर्वरक संयंत्रों के लिए आपूर्ति में सुधार

उर्वरक संयंत्रों के लिए आपूर्ति 95% तक बहाल


सुजाता शर्मा ने बताया कि यूरिया उर्वरक संयंत्रों के लिए आपूर्ति 95% तक बहाल कर दी गई है। संकट निवारण योजना के तहत, मंत्रालय और सरकार ने मांग और आपूर्ति को सक्रिय रूप से प्रबंधित किया है।


इन उपायों में घरेलू रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन बढ़ाना, कच्चे तेल और एलपीजी की कार्गो सुरक्षित करना और घरेलू आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए विशेष निर्यात शुल्क लगाना शामिल है। इन कदमों से घरेलू बाजार में कोई कमी नहीं आई है।


एलपीजी की मांग और आपूर्ति का प्रबंधन

एलपीजी की मांग और आपूर्ति बनाई जा रही


सुजाता शर्मा ने कहा, 'हमने मांग के अनुसार प्रबंधन के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए हैं। बुकिंग को सुव्यवस्थित किया गया है, जिससे पेट्रोल और डीजल की घरेलू आपूर्ति बिना किसी रुकावट के चल रही है।'


हालांकि, वाणिज्यिक क्षेत्र में कुछ समस्याएं अभी भी हैं, लेकिन सरकार ने धीरे-धीरे वहां आपूर्ति बढ़ाकर लगभग 70% कर दी है। उद्योगों को किसी भी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए कोयला और केरोसिन जैसे अतिरिक्त ईंधनों की आपूर्ति बढ़ाई जा रही है। प्राकृतिक गैस की आपूर्ति घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन (सीएनजी) के लिए 100% है।