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भारत में तेल और गैस संकट: सिलेंडर की कोई कमी नहीं

केंद्र सरकार ने हाल ही में एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि भारत में एलपीजी सिलेंडर की कोई कमी नहीं है, जबकि तेल और गैस संकट के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने ऑनलाइन बुकिंग में वृद्धि और कीमतों में स्थिरता की जानकारी दी। जानें मिडिल ईस्ट के हालात का भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और सरकार किस प्रकार से स्थिति को संभालने का प्रयास कर रही है।
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भारत में तेल और गैस संकट: सिलेंडर की कोई कमी नहीं

केंद्र सरकार की प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी

केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों ने गुरुवार को एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण उत्पन्न तेल और गैस संकट की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। विदेश मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी (गल्फ) असीम महाजन ने कहा कि यह केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक समुदाय के लिए भी एक चुनौती है।


एलपीजी की स्थिति पर अपडेट

पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि युद्ध के कारण एलपीजी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि, देश में किसी भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के पास सिलेंडर की कमी नहीं है।


कीमतों में स्थिरता

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देश में ऑनलाइन बुकिंग 94% तक पहुँच गई है। लगभग 83% रीफिल डिलीवरी ऑथेंटिकेट कोड के माध्यम से हो रही है। पैनिक बुकिंग में कमी आई है। सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत में लगभग 70% कच्चा तेल अब होर्मुज स्ट्रेट के बाहर के क्षेत्रों से आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण दबाव तो है, लेकिन अभी तक कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।


मिडिल ईस्ट का प्रभाव

पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य है। 18 मार्च को लगभग 57,000 रीफिल बुकिंग हुई। सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं से सीएनजी पर शिफ्ट होने की अपील की है और कई कंपनियों ने इसके लिए प्रोत्साहन भी घोषित किए हैं। सुजाता शर्मा ने कहा कि मिडिल ईस्ट में हालात का सीधा असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ता है, इसलिए सरकार अन्य स्रोतों से भी आपूर्ति बढ़ाने का प्रयास कर रही है।