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भारत में पीलिया और डायरिया के प्रकोप से स्वास्थ्य संकट

भारत के ओडिशा और मध्य प्रदेश में पीलिया और डायरिया के प्रकोप ने स्वास्थ्य सेवाओं को चुनौती दी है। ओडिशा के जवाहर नवोदय विद्यालय में 40 से अधिक छात्र पीलिया से प्रभावित हुए हैं, जबकि इंदौर में दूषित पेयजल के कारण सैकड़ों लोग डायरिया का शिकार हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। जानें इस स्वास्थ्य संकट के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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भारत में पीलिया और डायरिया के प्रकोप से स्वास्थ्य संकट

स्वास्थ्य संकट की नई लहर


नई दिल्ली: देश के विभिन्न क्षेत्रों से स्वास्थ्य संबंधी चिंताजनक समाचार आ रहे हैं। ओडिशा के खुर्दा जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय में पीलिया के प्रकोप के कारण 40 से अधिक छात्र बीमार हो गए हैं। वहीं, मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल के कारण डायरिया ने सैकड़ों लोगों को प्रभावित किया है। स्वास्थ्य विभाग ने इन मामलों पर नजर रखने के लिए कदम उठाए हैं और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।


खुर्दा में पीलिया का प्रकोप

खुर्दा जिले के गुरुजंग क्षेत्र में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में पीलिया के मामलों की पुष्टि हुई है। अधिकारियों के अनुसार, क्रिसमस की छुट्टियों के बाद स्कूल लौटे एक छात्र में पहले पीलिया के लक्षण पाए गए थे। इसके बाद अन्य छात्रों में भी लक्षण दिखाई देने लगे। जांच में 40 से अधिक छात्रों के संक्रमित होने की जानकारी मिली है, जिससे स्कूल प्रशासन और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।


स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता

पब्लिक हेल्थ डायरेक्टर नीलकंठ मिश्रा ने बताया कि जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार को स्कूल का दौरा किया। सोमवार को राज्य स्तर की एक विशेष टीम भी वहां पहुंची। स्वास्थ्य अधिकारी छात्रों की निगरानी कर रहे हैं और आवश्यक उपचार प्रदान किया जा रहा है। मिश्रा ने कहा कि स्थिति पर ध्यान रखा जा रहा है ताकि संक्रमण और न फैले।


पानी और बाहरी भोजन की जांच

वाटर कॉर्पोरेशन ऑफ ओडिशा के जनरल मैनेजर राजेंद्रनाथ नायक ने बताया कि स्कूल के पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। उनके अनुसार, WATCO द्वारा सप्लाई किया गया पानी दूषित होने की संभावना कम है। प्रारंभिक जांच में यह संदेह जताया गया है कि पीलिया का संक्रमण बाहरी खाद्य पदार्थों से फैल सकता है। जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी।


इंदौर में डायरिया का संकट

इंदौर में डायरिया के प्रकोप ने स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ा दिया है। दूषित पेयजल से जुड़े इस प्रकोप में सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में 142 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 11 की हालत गंभीर है और उन्हें ICU में रखा गया है। भागीरथपुरा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग की गई है।


विशेषज्ञों की टीम की मदद

इंदौर में स्थिति को संभालने के लिए कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन बैक्टीरियल इन्फेक्शन्स की एक टीम पहुंच चुकी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि विशेषज्ञ तकनीकी सहायता प्रदान कर रहे हैं। अब तक छह मौतों की पुष्टि हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन निगरानी जारी रहेगी।