भारत में मौसम का मिजाज: बारिश और आंधी से मिलेगी गर्मी से राहत
मौसम में बदलाव का असर
नई दिल्ली: देशभर में मौसम में लगातार परिवर्तन देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 30 मई को कई राज्यों में बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक की गतिविधियाँ जारी रहेंगी। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों तक कई क्षेत्रों में खराब मौसम की चेतावनी दी गई है। तेज हवाओं और बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन कुछ स्थानों पर इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवाओं की गति 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी आशंका है। मौसम में आए बदलाव के कारण अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी।
मध्य भारत में भी मौसम का असर
मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी बारिश और तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तूफानी गतिविधियाँ बनी रहेंगी। वहीं, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति में कमी आई है, लेकिन दिन के समय गर्मी अभी भी महसूस की जा सकती है। मौसम की अस्थिरता का असर कृषि और यातायात पर पड़ने की संभावना है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अनुमान
दक्षिण भारत में भी मौसम सक्रिय है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, लक्षद्वीप और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी मध्यम बारिश और आंधी की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मछुआरों और तटीय क्षेत्रों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का खतरा
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बना हुआ है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि मई के अंत तक देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियाँ जारी रहने से तापमान में कमी आएगी और भीषण गर्मी का प्रभाव कमजोर पड़ सकता है।
