Newzfatafatlogo

भारत में वाणिज्यिक उड़ानों में तकनीकी समस्याओं की alarming रिपोर्ट

एक संसदीय समिति ने वाणिज्यिक उड़ानों में तकनीकी समस्याओं की alarming रिपोर्ट पेश की है, जिसमें 50 प्रतिशत उड़ानों में खामियों का जिक्र है। इंडिगो और एयर इंडिया जैसी प्रमुख एयरलाइंस की उड़ानों पर किए गए ऑडिट में गंभीर चिंताएं व्यक्त की गई हैं। रिपोर्ट में DGCA द्वारा की गई कार्रवाइयों और एयरलाइंस को जारी नोटिसों का भी उल्लेख है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या है खास।
 | 
भारत में वाणिज्यिक उड़ानों में तकनीकी समस्याओं की alarming रिपोर्ट

नई दिल्ली में संसदीय समिति की रिपोर्ट


नई दिल्ली: एक संसदीय समिति ने वाणिज्यिक उड़ानों से संबंधित एक चिंताजनक रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 50 प्रतिशत वाणिज्यिक उड़ानें तकनीकी समस्याओं का सामना कर रही हैं। पिछले वर्ष किए गए एक ऑडिट में समिति ने पाया कि 754 वाणिज्यिक उड़ानों में से 377 विमानों में बार-बार तकनीकी खराबियां पाई गईं।


इंडिगो एयरलाइंस की स्थिति

समिति ने यह भी बताया कि सबसे अधिक ऑडिट इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानों पर किया गया, और तकनीकी खामियों की सूची में भी इंडिगो की उड़ानें सबसे आगे हैं। 3 फरवरी तक 405 इंडिगो उड़ानों का ऑडिट किया गया, जिसमें से 148 में तकनीकी समस्याएं पाई गईं।


अन्य एयरलाइंस की स्थिति

कौन-कौन से एयरलाइंस हैं शामिल?


इस रिपोर्ट में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी एयरलाइंस भी प्रमुखता से शामिल हैं। 166 एयर इंडिया उड़ानों का ऑडिट किया गया, जिनमें से 137 में बार-बार तकनीकी खराबियां पाई गईं। इसी तरह, 101 एयर इंडिया एक्सप्रेस उड़ानों में से 54 में तकनीकी खामियां मिलीं।


रिपोर्ट में अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

रिपोर्ट में और क्या हुआ जिक्र?


रिपोर्ट में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा 1 जुलाई से 4 जुलाई 2025 के बीच किए गए ऑडिट का भी उल्लेख है। ये ऑडिट पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया की एक घटना के बाद शुरू किए गए थे।


इसके अलावा, रिपोर्ट में बोइंग 787 और 777 विमानों के पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बार-बार होने वाली कमियों पर भी ध्यान दिया गया है। साथ ही, कम से कम चार अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में केबिन क्रू की पर्याप्त संख्या नहीं पाई गई।


रिपोर्ट में 'फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन्स' के उल्लंघन को लेकर भी गंभीर चिंताएं व्यक्त की गई हैं। समिति ने एयरलाइंस के खिलाफ की गई नियामक कार्रवाइयों पर भी ज़ोर दिया, जिसमें सुरक्षा नियमों के संबंध में DGCA द्वारा एयर इंडिया को जारी किए गए नौ 'कारण बताओ नोटिस' शामिल हैं।


नोटिसों की संख्या

एयरलाइंस को कितने नोटिस जारी किए गए थे?


इसके अलावा, 2025 के अंत तक एयरलाइंस को कुल 19 नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें उड़ान ड्यूटी नियमों का उल्लंघन, कॉकपिट में अनधिकृत प्रवेश, और खराब हो चुके आपातकालीन उपकरणों वाले विमानों का संचालन जैसी अनियमितताओं का हवाला दिया गया था। DGCA में 48.3 प्रतिशत खाली पदों की दर की ओर इशारा करते हुए, रिपोर्ट ने एविएशन सेक्टर की कुल क्षमता को लेकर चिंता जताई है।