भारत में हल्की मशीन गन की पहली खेप का आगाज़: मेक इन इंडिया पहल को मिला नया मोड़
भारत के रक्षा क्षेत्र में नई उपलब्धि
भारत के रक्षा उद्योग में एक महत्वपूर्ण विकास हुआ है, जिसमें 'मेक इन इंडिया' योजना के तहत इजराइल से हल्की मशीन गन (LMG) की पहली खेप प्राप्त की गई है। यह पहल केवल हथियारों की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें तकनीकी हस्तांतरण और स्थानीय उत्पादन को भी बढ़ावा दिया गया है। इस समझौते को भारत की रक्षा क्षमताओं और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे भविष्य में अन्य परियोजनाओं को भी गति मिल सकती है।
NEGEV 7.62x51 LMG की डिलीवरी
इजराइल वेपन्स इंडस्ट्रीज (IWI) ने भारत को 2,000 NEGEV 7.62x51 LMG की पहली खेप सौंपी है, जो कुल 41,000 मशीन गनों के अनुबंध का हिस्सा है। कंपनी के अनुसार, इस वर्ष 4,000 और हथियारों की आपूर्ति की जाएगी। यह डिलीवरी PLR सिस्टम्स के माध्यम से की गई है, जो IWI और अडाणी ग्रुप का एक संयुक्त उद्यम है।
मेक इन इंडिया को नई दिशा
इस परियोजना की विशेषता यह है कि इसमें तकनीकी हस्तांतरण को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। इससे भारत में छोटे हथियारों के निर्माण को एक नई दिशा मिली है। PLR सिस्टम्स देश की पहली निजी कंपनी है, जो इस स्तर पर हथियार और गोला-बारूद का निर्माण कर रही है। इससे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और स्थानीय उत्पादन को मजबूती मिलेगी।
NEGEV 7.62 LMG की विशेषताएँ
NEGEV 7.62 LMG को अपनी श्रेणी में हल्का और विश्वसनीय माना जाता है। इसमें सेमी-ऑटोमैटिक और फुली ऑटोमैटिक दोनों मोड उपलब्ध हैं। यह कठिन परिस्थितियों में भी सटीक निशाना लगाने में सक्षम है। 7.62 मिमी की गोलियां मजबूत कवर को भेदने की क्षमता रखती हैं, जिससे यह शहरी युद्ध और विशेष मिशनों के लिए उपयुक्त बनती है।
भविष्य की योजनाएँ और रक्षा सहयोग
भारत और इजराइल के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के तहत PLR सिस्टम्स को 1,70,000 CQB कार्बाइन की आपूर्ति का अनुबंध भी मिला है। इस वर्ष 18,000 यूनिट्स की डिलीवरी की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भारत के रक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है और वैश्विक स्तर पर देश की स्थिति को मजबूत करेगी.
