Newzfatafatlogo

भारत में हिट एंड रन मामलों में चिंताजनक वृद्धि: 2024 के आंकड़े

हाल के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हिट एंड रन मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, जो सड़क सुरक्षा के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। 2024 में 53,230 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाते हैं। इस रिपोर्ट में विभिन्न राज्यों में मामलों की संख्या और कानूनी बदलावों का भी उल्लेख किया गया है। जानें किस राज्य में सबसे अधिक और सबसे कम मामले सामने आए हैं।
 | 
भारत में हिट एंड रन मामलों में चिंताजनक वृद्धि: 2024 के आंकड़े

सड़क सुरक्षा की गंभीर स्थिति

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी हालिया आंकड़ों ने देश की सड़क सुरक्षा की चिंताजनक स्थिति को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 'हिट एंड रन' के मामलों में पिछले तीन वर्षों में लगातार वृद्धि देखी गई है। वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 53,230 तक पहुंच गया है, जो दर्शाता है कि सड़क पर लापरवाही अब एक गंभीर समस्या बन चुकी है।


आंकड़ों का विश्लेषण

आंकड़ों के अनुसार, 2022 में हिट एंड रन के 47,806 मामले दर्ज हुए थे, जो 2023 में बढ़कर 51,780 हो गए। इस प्रकार, तीन वर्षों में इन मामलों में लगभग 11.3% की वृद्धि हुई है। केवल मामलों की संख्या में ही नहीं, बल्कि अपराध की दर में भी वृद्धि हुई है। हिट एंड रन की दर 2022 में 3.5 थी, जो 2024 में बढ़कर 3.8 हो गई है।


2024 का डेटा और कानूनी बदलाव

वर्ष 2024 का डेटा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कानूनी परिवर्तनों की झलक प्रस्तुत करता है। कुल 53,230 मामलों में से 29,169 मामले भारतीय दंड संहिता (IPC) के पुराने प्रावधानों के तहत दर्ज किए गए, जबकि 24,061 मामले नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज हुए हैं।


बढ़ती बेलगाम रफ्तार

हर साल बढ़ती बेलगाम रफ्तार


पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह स्पष्ट है कि ये आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। 2022 से 2023 के बीच मामलों में लगभग 8.3% की वृद्धि हुई थी, और 2024 में भी यह प्रवृत्ति जारी रही। ये बढ़ते आंकड़े दर्शाते हैं कि हादसे के बाद ड्राइवर कानूनी कार्रवाई के डर से घायलों की मदद करने के बजाय मौके से भागना अधिक उचित समझते हैं।


राज्यों के अनुसार मामले

किस राज्य में सबसे अधिक मामले सामने आए?



  • उत्तर प्रदेश: 18,536 मामले

  • मध्य प्रदेश: 9,260 मामले

  • बिहार: 4,353 मामले

  • महाराष्ट्र: 3,584 मामले

  • झारखंड: 2,228 मामले


कम मामले दर्ज करने वाले राज्य

सबसे कम मामले दर्ज करने वाले 5 राज्य



  • सिक्किम: 0 मामले

  • नागालैंड: 11 मामले

  • मिजोरम: 20 मामले

  • गोवा: 25 मामले

  • मेघालय: 27 मामले


केंद्र शासित प्रदेशों की स्थिति

केंद्र शासित प्रदेशों की स्थिति


केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे अधिक 642 मामले दिल्ली में दर्ज किए गए, जहां अपराध दर 2.9 रही। वहीं जम्मू-कश्मीर में 208 मामले सामने आए, जिसकी दर 1.5 रही। लद्दाख और लक्षद्वीप ऐसे क्षेत्र रहे जहां हिट एंड रन का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ।