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भारतीय क्रिकेट में शोक: C. D. गोपीनाथ का निधन

भारतीय क्रिकेट में एक दुखद घटना घटी है जब C. D. गोपीनाथ, जो 96 वर्ष की आयु में निधन हो गए, भारतीय क्रिकेट के सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों में से एक थे। उनका करियर और योगदान भारतीय क्रिकेट के इतिहास में महत्वपूर्ण रहे हैं। जानें उनके जीवन और क्रिकेट में उनके योगदान के बारे में।
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भारतीय क्रिकेट में शोक: C. D. गोपीनाथ का निधन

C. D. गोपीनाथ का निधन

चेन्नई: भारतीय क्रिकेट में एक दुखद घटना घटी है, जब भारतीय क्रिकेट के सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों में से एक, C. D. गोपीनाथ, का 9 अप्रैल 2026 को चेन्नई में 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन के साथ ही भारतीय क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण युग का अंत हो गया है।


ऐतिहासिक क्रिकेट करियर

गोपीनाथ, जो 1952 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की पहली टेस्ट जीत का हिस्सा थे, अब इस टीम के अंतिम जीवित सदस्य थे। उनके निधन के बाद, चंद्रकांत पटंकर भारत के सबसे उम्रदराज जीवित टेस्ट क्रिकेटर बन गए हैं।


1 मार्च 1930 को चेन्नई में जन्मे गोपीनाथ ने 1951 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा। उन्होंने कुल 8 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 12 पारियों में 242 रन बनाए। उनका औसत 20.17 रहा और उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 50 रन था। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा, जिसमें उन्होंने मद्रास (अब तमिलनाडु) के लिए 83 मैचों में 4259 रन बनाए, और उनका औसत 42.16 रहा।


महत्वपूर्ण योगदान

गोपीनाथ ने 1954-55 के रणजी ट्रॉफी फाइनल में शानदार शतक जड़कर मद्रास को पहली बार खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, 1952 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की पहली टेस्ट जीत में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण था, जब उन्होंने निचले क्रम में 35 रन बनाए।


क्रिकेट जगत में शोक

उनके निधन से क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। खेल प्रेमी और पूर्व क्रिकेटर उन्हें एक शांत, समर्पित और प्रेरणादायक खिलाड़ी के रूप में याद कर रहे हैं।