भारतीय नौसेना में शामिल हुआ नवीनतम स्टील्थ युद्धपोत 'तारागिरी'
तारागिरी का कमीशन
भारतीय नौसेना ने शुक्रवार को अपने नवीनतम स्टील्थ युद्धपोत, 'तारागिरी', को शामिल किया। यह युद्धपोत 3 अप्रैल को विशाखापत्तनम में नौसेना में कमीशन किया गया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित थे। 'तारागिरी' को सुपरसोनिक मिसाइलों से लैस किया गया है।
युद्धपोत की विशेषताएँ
'तारागिरी' में सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और एक विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली शामिल है। यह अत्याधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली और घातक हथियारों से सुसज्जित है, जिससे यह दुश्मनों को प्रभावी जवाब देने में सक्षम है। रक्षा मंत्री ने इसे एक अत्याधुनिक युद्धपोत बताया और कहा कि इसकी कमीशनिंग भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति का प्रतीक है।
मानवीय सहायता में भूमिका
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना मानवीय मूल्यों के प्रति सजग है और आपदा के समय राहत कार्यों में सक्रिय रहती है। 'तारागिरी' भी आपदा राहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसकी मिशन प्रोफाइल इसे उच्च-तीव्रता युद्ध और मानवीय सहायता के लिए उपयुक्त बनाती है।
स्वदेशी निर्माण
'तारागिरी' का निर्माण मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा किया गया है। यह युद्धपोत अपने पूर्ववर्ती डिजाइनों की तुलना में एक पीढ़ीगत विकास का प्रतीक है, जिसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर मझगांव डॉक शिपयार्ड और भारतीय नौसेना को बधाई दी।
रक्षा निर्यात में वृद्धि
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 62.66 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इसमें हथियार, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, गोला-बारूद और अन्य सैन्य उपकरण शामिल हैं।
