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भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार, 80वें स्थान पर पहुंचा

भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार हुआ है, जो अब 80वें स्थान पर है। हेनली एंड पार्टनर्स द्वारा जारी नई रैंकिंग के अनुसार, भारतीय नागरिक अब 55 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-एराइवल यात्रा कर सकते हैं। सिंगापुर का पासपोर्ट सबसे मजबूत बना हुआ है, जबकि पाकिस्तान ने भी अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। जानें और क्या खास है इस रैंकिंग में।
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भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार, 80वें स्थान पर पहुंचा

भारतीय पासपोर्ट की नई ताकत


भारतीय नागरिकों के लिए नई यात्रा संभावनाएं


भारतीय पासपोर्ट की स्थिति में पिछले वर्ष की तुलना में सुधार हुआ है। हेनली एंड पार्टनर्स द्वारा जारी 2026 की पासपोर्ट रैंकिंग में भारत ने 5 स्थानों की बढ़त हासिल करते हुए 80वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले वर्ष भारत की रैंक 85 थी। अब भारतीय नागरिक 55 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-एराइवल यात्रा कर सकते हैं।


यह रैंकिंग उन देशों की संख्या पर आधारित है, जहां पासपोर्ट धारक बिना पूर्व वीजा के प्रवेश कर सकते हैं। डेनमार्क, लक्समबर्ग, स्पेन, स्वीडन और स्विट्जरलैंड 186 देशों में फ्री वीजा एंट्री के साथ तीसरे स्थान पर हैं। अफगानिस्तान का पासपोर्ट सबसे कमजोर माना जाता है, जो कि 101वें स्थान पर है।


सिंगापुर का पासपोर्ट सबसे मजबूत

सिंगापुर लगातार दूसरे वर्ष के लिए दुनिया का सबसे मजबूत पासपोर्ट बना हुआ है, जिसे 227 देशों में से 192 देशों में वीजा-फ्री एंट्री प्राप्त है। जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं, जिनके नागरिक 188 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं।


पाकिस्तान की रैंकिंग में सुधार

पाकिस्तान ने भी रैंकिंग में 5 स्थानों की बढ़त हासिल की है, अब इसकी रैंक 98 है। पिछले वर्ष यह 103वें स्थान पर था। हालांकि, यह अभी भी विश्व का पांचवां सबसे कमजोर पासपोर्ट है, जिसके नागरिक 31 देशों में वीजा-फ्री यात्रा कर सकते हैं।


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