भारतीय मालवाहक जहाज पर होर्मुज स्ट्रेट में गोलीबारी, एक नाविक की मौत
घटना का विवरण
नई दिल्ली - ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते होर्मुज स्ट्रेट एक बार फिर से हिंसक घटनाओं का केंद्र बन गया है। हाल ही में एक भारतीय मालवाहक जहाज पर गोलीबारी की घटना हुई, जिसमें गुजरात के एक नाविक की जान चली गई और पांच अन्य घायल हो गए। यह घटना शुक्रवार रात उस समय हुई जब जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था।
जहाज की पहचान
जानकारी के अनुसार, यह लकड़ी से बना जहाज “अल फैज नूर-ए-सुलेमानी-1” नामक पारंपरिक कार्गो वेसल था। जहाज पर कुल 18 क्रू सदस्य मौजूद थे। यह जहाज 7 मई को दुबई से यमन के मुकल्ला बंदरगाह के लिए रवाना हुआ था। 8 मई की रात लगभग एक बजे, होर्मुज स्ट्रेट पार करते समय अचानक दो पक्षों के बीच गोलीबारी में यह जहाज फंस गया।
नाविक की मौत और घायलों की स्थिति
इस हमले में गुजरात के द्वारका जिले के सलाया गांव के निवासी अल्ताफ तालाब केर की मौत हो गई, जो जहाज पर इंजन ड्राइवर के रूप में कार्यरत थे। इसके अलावा, पांच अन्य भारतीय नाविक घायल हो गए, जिन्हें दुबई के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
बचाव कार्य
घटना के बाद, बाकी क्रू सदस्यों को सुबह करीब सात बजे स्थानीय समयानुसार MSV प्रेम सागर-I नामक जहाज द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया। सभी को उसी दिन शाम तक दुबई पोर्ट पहुंचा दिया गया। भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बचाए गए नागरिकों से मुलाकात की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
सरकारी प्रतिक्रिया
शिपिंग निदेशालय के अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि भारतीय एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित नागरिकों को सहायता प्रदान की जा रही है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से अधिक जानकारी साझा नहीं की गई।
नाविकों की सुरक्षा पर चिंता
इंडियन सेलिंग वेसल्स एसोसिएशन (गुजरात) के महासचिव आदम भाया ने इस घटना को अमेरिका और ईरान की सेनाओं के बीच बढ़ते तनाव का दुखद परिणाम बताया। उन्होंने केंद्र सरकार से भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रभावित परिवार को सहायता देने की मांग की है।
अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र की स्थिति
ईरान-अमेरिका टकराव के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरान द्वारा कई जहाजों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 11 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज क्षेत्र से बाहर निकल चुके हैं, जबकि 13 जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में मौजूद हैं।
