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भारतीय मालवाहक जहाज 'हाजी अली' ओमान तट पर ड्रोन हमले में डूबा, सभी 14 नाविक सुरक्षित

ओमान के समुद्री तट पर भारतीय मालवाहक जहाज 'हाजी अली' पर एक भीषण ड्रोन हमले के बाद जहाज जलकर डूब गया। हालांकि, सभी 14 भारतीय नाविकों को ओमान कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे 'अस्वीकार्य' बताया है। यह घटना एक हफ्ते में किसी भारतीय जहाज के डूबने की दूसरी बड़ी घटना है। जानें इस हमले के पीछे की कहानी और भारत का सख्त रुख।
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भारतीय मालवाहक जहाज 'हाजी अली' ओमान तट पर ड्रोन हमले में डूबा, सभी 14 नाविक सुरक्षित

ओमान में भारतीय जहाज पर हुआ हमला

नई दिल्ली: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारतीय वाणिज्यिक जहाजों पर हमले जारी हैं। हाल ही में, ओमान के समुद्री तट के पास एक गंभीर ड्रोन हमले में भारत का मालवाहक जहाज 'हाजी अली' पूरी तरह से जलकर समुद्र में डूब गया। राहत की बात यह है कि जहाज पर सवार सभी 14 भारतीय क्रू सदस्यों को ओमान कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'अस्वीकार्य' करार दिया है।


धमाके से लगी आग और जहाज का डूबना

जानकारी के अनुसार, गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले का यह मालवाहक जहाज 'हाजी अली' (MSV HAJI ALI BDI 1492) बुधवार, 13 मई की तड़के लगभग 3:30 बजे सोमालिया के बरबरा से शारजाह की ओर जा रहा था। जब यह जहाज ओमान में लिमाह के पास से गुजर रहा था, तभी एक मिसाइल या ड्रोन ने जोरदार धमाके के साथ जहाज को टकराया। हमले के तुरंत बाद जहाज में भीषण आग लग गई और वह समुद्र में डूबने लगा। खतरे को भांपते हुए जहाज पर सवार सभी 14 नाविकों ने तुरंत सिग्नल का इस्तेमाल किया और लाइफबोट्स के सहारे अपनी जान बचाई। ओमान कोस्ट गार्ड ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी को सुरक्षित निकाल लिया और उन्हें ओमान के दीबा बंदरगाह पहुंचा दिया है। जहाज के मालिक सुल्तान अहमद संघार ने भी नाविकों के सुरक्षित होने की पुष्टि की है। अब ओमान पुलिस यह जांच कर रही है कि यह हमला किसने किया।


एक हफ्ते में दूसरा भारतीय जहाज डूबा

अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जारी इस वर्चस्व की लड़ाई का सबसे बड़ा खामियाजा गुजरात के शिपिंग उद्योग को उठाना पड़ रहा है। यह एक हफ्ते के भीतर किसी भारतीय जहाज के डूबने की दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले 8 मई 2026 की रात को भी गुजरात का जहाज 'अल फैज नूर सुलेमानी-1' स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका और ईरान के बीच हुई भारी गोलीबारी की चपेट में आ गया था। दुबई से यमन के मुक्काला जा रहे उस जहाज पर भी हमला हुआ था, जिसके बाद वह समुद्र में समा गया था।


भारत का सख्त रुख

लगातार हो रहे इन हमलों पर भारत ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर तीखी आपत्ति जताते हुए कहा है कि ओमान के तट के पास भारतीय झंडे वाले जहाज पर हुआ यह हमला बिल्कुल अस्वीकार्य है। मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना और बेगुनाह नागरिक नाविकों की जान खतरे में डालना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने भारतीय क्रू सदस्यों की रक्षा करने के लिए ओमानी अधिकारियों का धन्यवाद भी किया है। भारत ने एक बार फिर दुनिया को दो टूक लहजे में याद दिलाया है कि व्यापारिक जहाजों पर हमले करने और नौवहन व व्यापार की स्वतंत्रता में किसी भी तरह की बाधा डालने से हर हाल में बचा जाना चाहिए।