Newzfatafatlogo

भारतीय रुपये की गिरावट: 93.31 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

भारतीय रुपये ने 93.31 के स्तर पर पहुंचकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जिससे अर्थव्यवस्था में चिंता बढ़ गई है। इजरायल-ईरान संघर्ष और डॉलर की मजबूती जैसे कारक रुपये की गिरावट के पीछे हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। जानें इस गिरावट के कारण और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 | 
भारतीय रुपये की गिरावट: 93.31 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

भारतीय रुपये में गिरावट का नया अध्याय


नई दिल्ली। भारतीय रुपये की गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इजरायल-ईरान संघर्ष के चलते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में तेजी से गिरावट आई है। आज रुपये ने अब तक का सबसे निचला स्तर छू लिया है, और अब यह 1 डॉलर के मुकाबले 93.31 रुपये पर पहुंच गया है। इस गिरावट ने अर्थव्यवस्था और बाजार में चिंता की लहर दौड़ा दी है।


विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर की मजबूती, वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे कारक रुपये पर दबाव बना रहे हैं। इसके अलावा, विदेशी निवेश में कमी और आयात-निर्यात के असंतुलन ने भी स्थिति को और बिगाड़ दिया है।




कांग्रेस ने इस मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरते हुए कहा है कि 1 डॉलर = 93.31 रुपये की दर से रुपये की गिरावट ने हमारी अर्थव्यवस्था और देश की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार की नाकामी के कारण रुपये में यह निरंतर गिरावट हो रही है।


इस प्रकार, रुपये की गिरावट को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठाते हुए मोदी सरकार पर निशाना साध रही है।