भारतीय रुपये में गिरावट: डॉलर के मुकाबले 92.36 रुपये तक पहुंचा
पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का असर
भारतीय रुपये पर दबाव: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और ईरान के हमलों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हो रही है, जिसका सीधा प्रभाव भारतीय रुपये पर पड़ रहा है। गुरुवार को, रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे की गिरावट के साथ 92.36 रुपये का नया निम्न स्तर छू लिया।
इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपये की शुरुआत 92.25 प्रति डॉलर से हुई, लेकिन दिन के दौरान यह गिरकर 92.36 तक पहुंच गया। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने रुपये को कमजोर किया है। इसके अलावा, घरेलू शेयर बाजार में नकारात्मक भावना और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी रुपये को प्रभावित किया।
शेयर बाजार में गिरावट का दौर
बीएसई सेंसेक्स, जिसमें 30 शेयर शामिल हैं, 829.29 अंक या 1.08 प्रतिशत गिरकर 76,034.42 पर बंद हुआ। दिन के दौरान, इसमें 992.53 अंक की गिरावट आई और यह 75,871.18 पर पहुंच गया। इसी तरह, एनएसई निफ्टी 227.70 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर 23,639.15 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट आई, जो 4.23 प्रतिशत तक गिर गए।
सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव
सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। चांदी की कीमतों में गुरुवार को 1,500 रुपये की वृद्धि हुई, जिससे यह 2,76,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गई। इसके विपरीत, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 400 रुपये गिरकर 1,65,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर आ गई।
