भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी, जानें कारण
शेयर बाजार में गिरावट का कारण
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। इसके परिणामस्वरूप, भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 में 1 प्रतिशत से अधिक की कमी आई।
बाजार के बंद होने पर, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 999.79 अंकों यानी 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,664.21 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि एनएसई निफ्टी50 275.10 (1.14 प्रतिशत) अंक गिरकर 23,897.95 पर पहुंच गया।
दिन के कारोबार के दौरान, सेंसेक्स 77,483.80 पर खुला और 1,260 अंक या 1.6 प्रतिशत गिरकर 76,403.87 के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 24,100.55 पर खुलकर 359 अंक या 1.5 प्रतिशत गिरकर 23,813.65 के निचले स्तर पर पहुंच गया।
व्यापक बाजार में बिकवाली का दबाव देखा गया, जिसमें निफ्टी मिडकैप में 0.96 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.87 प्रतिशत की गिरावट आई।
सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए, जिसमें निफ्टी आईटी में सबसे अधिक 5.29 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा, निफ्टी मीडिया में 1.87 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा में 1.77 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 1.35 प्रतिशत, निफ्टी हेल्थकेयर में 1.49 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.72 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 0.73 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.68 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी 50 पैक में कोल इंडिया, ट्रेंट, हिंडाल्को, नेस्ले इंडिया, श्रीराम फाइनेंस, एसबीआई और आयशर मोटर के शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, सन फार्मा और एसबीआई लाइफ के शेयरों में 6.9 प्रतिशत से 3.2 प्रतिशत तक की गिरावट आई।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह सप्ताह बाजार के लिए कमजोर साबित हुआ है। पश्चिम एशिया में सीजफायर को लेकर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है और होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति जस की तस बनी हुई है। हालांकि, लेबनान-इजरायल सीजफायर का विस्तार और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत जैसे कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन तनाव बढ़ने का खतरा अभी भी बना हुआ है। घरेलू स्तर पर आईटी सेक्टर में गिरावट, रुपए की कमजोरी और विदेशी निवेशकों की निकासी ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाला है।
एक मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि तकनीकी दृष्टिकोण से निफ्टी 50 कमजोर रुख के साथ बंद हुआ। पहले हिस्से में लगातार बिकवाली के कारण यह 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे गिर गया, जिससे गिरावट और तेज हो गई। इसके बाद यह 23,800 के स्तर तक पहुंचा, जहां इसे कुछ समर्थन मिला और अंत में हल्की रिकवरी करते हुए 23,900 के आसपास बंद हुआ। तकनीकी संकेतकों के अनुसार, निफ्टी अपने 20-दिवसीय ईएमए के नीचे आ गया है, जो शॉर्ट टर्म कमजोरी का संकेत है। आरएसआई भी 60 के करीब से गिरकर 50 के नीचे आ गया है, जो बाजार में कमजोर पड़ती ताकत को दर्शाता है।
एक्सपर्ट ने कहा कि आने वाले समय के लिए 23,800 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन बना हुआ है, जबकि 24,000 अब एक मजबूत रेजिस्टेंस बन गया है। यदि निफ्टी 24,000 के ऊपर मजबूती से जाता है तो 24,200 तक रिकवरी संभव है, लेकिन यदि यह 23,800 के नीचे गिरता है तो गिरावट बढ़कर 23,600 तक जा सकती है।
