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भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों को हुआ बड़ा नुकसान

भारतीय शेयर बाजार में हाल ही में आई भारी गिरावट ने निवेशकों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। बीएसई में सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण चार दिनों में लगभग 7.19 लाख करोड़ रुपये घट गया है। इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी टैरिफ और रूस पर प्रतिबंधों की खबरें हैं। जानें इस गिरावट के पीछे के अन्य कारण और बाजार की वर्तमान स्थिति के बारे में।
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भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों को हुआ बड़ा नुकसान

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का कारण

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को आई भारी गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। इस गिरावट के चलते बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण चार दिनों में लगभग 7.19 लाख करोड़ रुपये घटकर करीब 474 लाख करोड़ रुपये रह गया है। इस अवधि में सेंसेक्स लगभग 1,442 अंक गिरा है, जबकि निफ्टी-फिफ्टी में 405 अंकों की कमी आई है। आज, गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 824.55 अंक (0.97 फीसदी) गिरकर 84136.59 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 50 में 273.10 अंकों (1.04 फीसदी) की गिरावट आई और यह 25867.65 पर समाप्त हुआ।


ट्रंप के टैरिफ प्रस्ताव का प्रभाव

इस गिरावट का एक प्रमुख कारण अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी टैरिफ और रूस पर प्रतिबंधों की खबरें हैं। ट्रंप ने एक विधेयक का समर्थन किया है, जिसमें रूस से आयातित सामान पर 500 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों पर दबाव बनाना है, जो सस्ते रूसी तेल का आयात कर रहे हैं। हालांकि, यह विधेयक अभी पारित नहीं हुआ है, लेकिन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने संकेत दिया है कि अगले सप्ताह इस पर मतदान हो सकता है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि भारत अमेरिका की चिंताओं का समाधान नहीं करता, तो भारतीय सामान पर और अधिक टैरिफ लगाए जा सकते हैं। वर्तमान में, अमेरिका पहले से ही कुछ भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक शुल्क लगा चुका है।


ट्रंप की टिप्पणियों का बाजार पर असर

ट्रंप की बयानबाजी का मार्केट पर असर

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर ट्रंप के एक बयान ने भी चर्चा का विषय बना। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने 68 अपाचे हेलीकॉप्टर का ऑर्डर दिया है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि टैरिफ को लेकर मोदी उनसे संतुष्ट नहीं हैं। इन बयानों ने निवेशकों को यह संकेत दिया कि व्यापार मोर्चे पर अनिश्चितता बनी रह सकती है।


बड़े शेयरों में बिकवाली का असर

बड़े शेयरों में लगातार बिकवाली ने भी बाजार को प्रभावित किया। एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे प्रमुख शेयरों में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट आई। पिछले सप्ताह में भी इन दोनों शेयरों में लगभग 4 प्रतिशत की कमी आई थी। मेटल सेक्टर का सूचकांक करीब 1.9 प्रतिशत गिरा और इसके सभी 15 शेयर लाल निशान में बंद हुए। आईटी सेक्टर में भी लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।


वैश्विक घटनाओं का प्रभाव

वेनेजुएला की राजनीतिक उथल-पुथल

वैश्विक स्तर पर वेनेजुएला की राजनीतिक उथल-पुथल ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। अमेरिका की एक सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया गया है। इससे कच्चे तेल के वैश्विक बाजार पर असर पड़ने की आशंका है।


एशियाई बाजारों की कमजोरी

कमजोर एशियाई बाजार

एशियाई बाजारों की कमजोरी ने भी घरेलू बाजार की धारणा को कमजोर किया। जापान का निक्केई, चीन का सीएसआई 300 और एशिया-प्रशांत क्षेत्र का एमएससीआई सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। निवेशक अमेरिका की रोजगार रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिससे फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति का अंदाजा लगाया जा सके।