भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, रुपया भी कमजोर
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का असर
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सामना, सुबह 10 बजे तक 1650 अंक की कमी आई, रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा
मुंबई: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक शेयर बाजारों पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। बुधवार को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में गिरावट आई, जिसमें अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बाजार शामिल हैं। जापान का शेयर बाजार भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा। इसी बीच, भारतीय शेयर बाजार ने भी खुलते ही गिरावट का सामना किया।
सुबह 10 बजे तक, सेंसेक्स में 1650 अंक और निफ्टी में 518 अंक की कमी आई है। आगे और गिरावट की संभावना जताई जा रही है। भारतीय मुद्रा रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 66 पैसे गिरकर 92.15 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक व्यापारिक तनाव के कारण यह गिरावट आई है। बैंक और ऑटो शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखी गई है।
शेयर बाजार में गिरावट के कारण
शेयर बाजार में हाहाकार का कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि जियोपॉलिटिकल तनाव और युद्ध जैसी स्थिति में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। इससे कंपनियों के मुनाफे में कमी आ सकती है। ऐसे में निवेशक अपने शेयर बेचकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ जाते हैं, जिससे बाजार में गिरावट आती है।
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी
कच्चे तेल की कीमतें पिछले तीन दिनों में 13% से अधिक बढ़ चुकी हैं। ब्रेंट क्रूड में आज लगभग आधा प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे इसकी कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तनाव बढ़ता है, तो तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं, जिसका असर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ेगा।
