भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,352 अंक लुढ़का
शेयर बाजार में गिरावट का कारण
मुंबई: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में काफी गिरावट देखने को मिली। दिन के अंत में, सेंसेक्स 1,352.74 अंक या 1.71 प्रतिशत की कमी के साथ 77,566.16 पर और निफ्टी 422.40 अंक या 1.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,028.05 पर बंद हुआ।
ऑटो और बैंकिंग शेयरों में गिरावट
गिरावट का मुख्य कारण ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के शेयर रहे। निफ्टी ऑटो में 4.10 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 3.97 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल में 2.81 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 2.78 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 2.60 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई में 2.39 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 2.37 प्रतिशत और निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग में 2.36 प्रतिशत की गिरावट आई। केवल निफ्टी आईटी में 0.08 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,127.85 अंक या 1.97 प्रतिशत की कमी के साथ 56,265.50 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 366.70 अंक या 2.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,132.20 पर बंद हुआ।
इंडिया विक्स में उछाल
बाजार में उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाले इंडिया विक्स में भी वृद्धि देखी गई, जो 17.50 प्रतिशत की तेजी के साथ 23.36 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स पैक में प्रमुख गिरावट
सेंसेक्स में अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, एमएंडएम, एसबीआई, इंडिगो, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, एलएंडटी, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, बीईएल, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, टाइटन, बजाज फिनसर्व, एचयूएल, पावर ग्रिड और बजाज फाइनेंस जैसे शेयरों में गिरावट आई। वहीं, सन फार्मा, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक में वृद्धि देखी गई।
मार्केट कैप में कमी
बाजार में गिरावट के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केट कैप 8 लाख करोड़ रुपए घटकर 441 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो पहले 449 लाख करोड़ रुपए था।
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि को भी गिरावट का एक कारण माना जा रहा है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत में सोमवार को 26 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई, जो 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
डॉलर की मजबूती का प्रभाव
भारतीय बाजार में कमजोरी का एक अन्य कारण डॉलर की मजबूती है। अमेरिकी मुद्रा की मजबूती दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स इस साल के उच्चतम स्तर 99.70 तक पहुंच गया है, जिससे भारतीय रुपए में भी कमजोरी देखी जा रही है।
