भारतीय शेयर बाजार में स्थिरता, निवेशकों की संपत्ति में 2.55 लाख करोड़ का इजाफा
शेयर बाजार का हाल
मुंबई - अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की संभावनाओं के बीच, गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में दिनभर उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसके बाद प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक स्थिरता के साथ बंद हुए। सत्र की शुरुआत में दोनों सूचकांक ऊपर चढ़े, लेकिन बाद में अपने पिछले बंद स्तर के करीब आ गए।
बाजार के समापन पर, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 114 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,844.52 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी50 4.30 अंक (0.02 प्रतिशत) गिरकर 24,326.65 पर पहुंच गया। दिन के दौरान, सेंसेक्स ने 78,339.24 पर खुलकर 78,384.70 का इंट्रा-डे उच्चतम स्तर और 77,713.21 का न्यूनतम स्तर बनाया। वहीं, निफ्टी ने 24,398.50 पर खुलकर 24,482.10 का इंट्रा-डे उच्चतम स्तर और 24,284 का न्यूनतम स्तर देखा। व्यापक बाजार ने प्रमुख बेंचमार्कों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया, जिसमें निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.10 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.87 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
निवेशकों की संपत्ति में वृद्धि
निवेशकों की दौलत में 2.55 लाख करोड़ का उछाल
एक दिन पहले, 6 मई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप 4,72,46,936.34 करोड़ था। आज, 7 मई 2026 को यह बढ़कर 4,75,20,973.55 करोड़ हो गया। इसका मतलब है कि निवेशकों की पूंजी में 2,55,404.27 करोड़ की वृद्धि हुई है।
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल, निफ्टी आईटी, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी पीएसयू बैंक में कमजोरी देखी गई। जबकि निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी मेटल, निफ्टी मीडिया और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी 50 पैक में एचडीएफसी लाइफ, बजाज-ऑटो, एमएंडएम, ग्रासिम, एनटीपीसी, अपोलो हॉस्पिटल, हिंडाल्को, कोटक बैंक और ओएनजीसी के शेयरों में 3.5 प्रतिशत से 1 प्रतिशत तक की तेजी आई। वहीं, एचयूएल, टीसीएस, टाइटन, टेक महिंद्रा, आईटीसी, सन फार्मा और कोल इंडिया के शेयरों में गिरावट आई।
तकनीकी दृष्टिकोण
विशेषज्ञों के अनुसार, तकनीकी दृष्टिकोण से निफ्टी के लिए 24,400-24,500 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। यदि निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो बाजार में तेजी लौट सकती है और इंडेक्स 24,600 या उससे ऊपर जा सकता है। नीचे की ओर 24,100-24,000 का दायरा महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन बना हुआ है। यदि बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो यह स्तर सहारा दे सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में बाजार की दिशा खाड़ी क्षेत्र से जुड़ी खबरों पर निर्भर करेगी, विशेषकर अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया और होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने की संभावनाएं। इस बीच, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है, जहां ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमतें 2.32 प्रतिशत गिरकर 99.92 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी मजबूत हुआ है, जो लगभग 15 पैसे की बढ़त के साथ 94.24 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। अमेरिका-ईरान वार्ता के बेहतर माहौल ने निवेशकों की जोखिम लेने की धारणा को मजबूत किया है।
