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भारतीय शेयर बाजार में हरे निशान में शुरुआत, सेंसेक्स में 150 अंकों की वृद्धि

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक से पहले सकारात्मक शुरुआत की। सेंसेक्स में 150 अंकों की वृद्धि हुई, जबकि निफ्टी भी बढ़त में रहा। निवेशकों की नजरें आरबीआई गवर्नर के बयान पर हैं, जो महंगाई और आर्थिक विकास के संकेत दे सकते हैं। जानें किस सेक्टर में तेजी आई और किसमें गिरावट।
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भारतीय शेयर बाजार में हरे निशान में शुरुआत, सेंसेक्स में 150 अंकों की वृद्धि

शेयर बाजार की सकारात्मक शुरुआत

मुंबई: वैश्विक तनावों के बीच, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के परिणामों से पहले हरे निशान में शुरुआत की। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,360.01 से 269.93 अंक बढ़कर 74,629.94 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,416.55 से 62.4 अंक ऊपर 23,478.95 पर खुला। सुबह करीब 9:38 बजे सेंसेक्स 150.64 अंकों यानी 0.20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 74,510.65 पर था, जबकि निफ्टी 50 32.75 अंक यानी 0.14 प्रतिशत बढ़कर 23,449.30 पर ट्रेड कर रहा था। इस दौरान, व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.44 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे.


सेक्टोरल प्रदर्शन

सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी मीडिया और निफ्टी रियल्टी के शेयरों में सबसे अधिक तेजी देखी गई। इसके अलावा, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी ऑटो में भी अच्छी बढ़त हुई। दूसरी ओर, निफ्टी मेटल, ऑयल एंड गैस, निफ्टी आईटी और निफ्टी एफएमसीजी के शेयरों में कमजोरी देखी गई। निफ्टी 50 इंडेक्स में एचडीएफसी लाइफ, बजाज फाइनेंस, अदाणी इंटरप्राइजेज, एसबीआई लाइफ और टेक महिंद्रा के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई, जबकि विप्रो, हिंडाल्को, टाटा स्टील और ट्रेंट के शेयरों में गिरावट आई.


आरबीआई की मौद्रिक नीति पर नजर

निवेशकों की नजरें आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के बयान पर टिकी हैं, जो महंगाई और आर्थिक विकास के संकेत दे सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक इस बार रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है। ऐसे में निवेशक ब्याज दरों, महंगाई और ग्रोथ आउटलुक से जुड़े संकेतों पर ध्यान देंगे। एक मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि ऊर्जा कीमतों में आए झटके को देखते हुए आरबीआई वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान को थोड़ा कम कर सकता है, जबकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई के अनुमान को ऊपर की ओर संशोधित किया जा सकता है.


संभावित रणनीति

विशेषज्ञों के अनुसार, आरबीआई की संभावित रणनीति 'हॉकिश होल्ड' हो सकती है, जिसका अर्थ है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को यथावत रखेगा, लेकिन यह संकेत देगा कि महंगाई बढ़ने की आशंका है। यदि आरबीआई 25 बेसिस प्वाइंट (0.25 प्रतिशत) की ब्याज दर वृद्धि का निर्णय लेता है, तो बैंकिंग शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ब्याज दरों में वृद्धि का प्रभाव सभी क्षेत्रों पर समान नहीं होगा, विशेषकर ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.